Covid-19 Vaccine : वैक्सीन बनाने की दौड़ में कौन कहां तक पहुंचा, जानिए सब कुछ
पूरी दुनिया के लिए संकट का सबब बने कोरोना वायरस की यूं तो दिन भर में कितनी ही खबरें सामने आती हैं। लेकिन, लोगों को अगर किसी खबर का इंतजार है तो वह इस वैश्विक महामारी की वैक्सीन के निर्माण की है। दुनिया के कई देश और वैज्ञानिक इस जानलेवा महामारी की वैक्सीन तैयार करने में जुटे हुए हैं। कई वैक्सीन सफलता के बहुत नजदीक भी पहुंच गई हैं। जानिए दुनिया भर में कहां-कहां कोरोना की वैक्सीन पर काम चल रहा है और यह काम किस स्तर पर पहुंचा है...
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सबसे पहले बात करते हैं चीन की जहां से इस वायरस की उत्पत्ति हुई। चीन में इस समय कोरोना की चार संभावित वैक्सीन पर काम चल रहा है। इनमें वुहान इंस्टीट्यूट और सिनोफॉर्म की वैक्सीन ट्रायल के दूसरे चरण में है, सिनोवाक और बुटानटान इंस्टीट्यूट की वैक्सीन तीसरे चरण में, बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स और सिनोफार्म की वैक्सीन दूसरे चरण में है। वहीं, कैनसिनो बायोलॉजिकल इंक और बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स की वैक्सीन तीनों चरण के ट्रायल को पूरा कर चुकी है और अप्रूवल के लिए विचाराधीन है।
कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका की दो वैक्सीन इस दौड़ में शामिल हैं। यहां की नोवावैक्स वैक्सीन और मॉडर्ना वैक्सीन ट्रायल के दूसरे चरण में हैं। वहीं, जर्मनी की भी बायोएनटेक/फोसन फार्मा/फाइजर की वैक्सीन ट्रायल के दूसरे चरण में है। अमेरिकी सरकार जर्मनी की इस वैक्सीन के विकास के लिए और 10 करोड़ डोज के लिए 1.95 बिलियन डॉलर उपलब्ध कराएगी। अमेरिका के रक्षा विभाग ने बताया है कि इस समझौते के तहत अमेरिका को वैक्सीन की अतिरिक्त 50 करोड़ डोज लेने की अनुमति मिली है।
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इस समय अगर किसी वैक्सीन की सबसे ज्यादा चर्चा है तो वह है ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन है। इस वैक्सीन अपने ट्रायल में काफी सकारात्मक परिणाम दिए हैं। यह वैक्सीन ट्रायल के तीसरे चरण में है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में वैक्सीन प्रोप्रिएटरी लिमिटेड और मेडीटॉक्स द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन ट्रायल के पहले चरण में है।
भारत की बात करें तो हमारा देश दुनियाभर में कोरोना वायरस से तीसरा सबसे प्रभावित देश बन चुका है। यहां की दो संभावित वैक्सीन ट्रायल के दौर में हैं। यहां जाइडस कैडिला द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन और भारत बायोटेक द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन से काफी उम्मीदें हैं। हालांकि, ये दोनों वैक्सीन अभी ट्रायल के पहले चरण में हैं।
(ये आंकड़े नौ जुलाई 2020 तक के हैं)