फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Covid: This time people are not afraid of Corona, experience has made them stronger

कोविड-19: कोरोनावायरस से इस बार लोगों में डर नहीं, अनुभव ने बनाया ताकतवर

Wed, 28 May 2025 06:47 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 28 May 2025 06:47 PM IST
सार

केंद्र-राज्य सरकारों के द्वारा लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि कोरोना का यह वेरिएंट घातक नहीं है। इसको लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। लेकिन पूरे देश में इस समय कोरोना के सबसे ज्यादा मामले केरल (430 मामले), महाराष्ट्र (210 मामले) और तमिलनाडु (69 मामले) दर्ज किए गए हैं। देश की राजधानी दिल्ली में इस समय कोरोना मरीजों की संख्या 104 तक पहुंच गई है जिसमें 99 मामले 19 मई के बाद दर्ज किए गए हैं। 

विज्ञापन
Covid: This time people are not afraid of Corona, experience has made them stronger
कोरोनावायरस - फोटो : Adobe stock photos

विस्तार

कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। अब यह संख्या एक हजार के पार पहुंच चुकी है। पूरे देश में कोरोना के 1010 मरीज इस समय एक्टिव हैं। कोविड से कम से कम छः लोगों की मौत (महाराष्ट्र में 3, केरल में 2 और कर्नाटक में एक) होने की भी खबर है, लेकिन इसके बाद भी इसे लेकर लोगों में कोई 'भय' नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण यही है कि केंद्र-राज्य सरकारों के द्वारा लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि कोरोना का यह वेरिएंट घातक नहीं है। इसको लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, इसके बाद भी कोरोना मरीजों को लेकर सभी राज्य सतर्क हैं। 
विज्ञापन


पूरे देश में इस समय कोरोना के सबसे ज्यादा मामले केरल (430 मामले), महाराष्ट्र (210 मामले) और तमिलनाडु (69 मामले) दर्ज किए गए हैं। देश की राजधानी दिल्ली में इस समय कोरोना मरीजों की संख्या 104 तक पहुंच गई है जिसमें 99 मामले 19 मई के बाद दर्ज किए गए हैं। इस बार संक्रमण की दर सबसे ज्यादा केरल में देखी जा रही है जहां पिछले एक सप्ताह में 335 नए मामले दर्ज किए गए हैं। 
विज्ञापन


अनुभव ने बनाया ताकतवर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि कोरोना 2.0 के दौरान जिस तरह बहुत अधिक मामले सामने आए थे, उससे जाने-अनजाने में पूरे देश में ज्यादातर आबादी इसकी चपेट में आ चुकी है। इससे लोगों में हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो चुकी है और यह कोरोना के किसी माइल्ड केस से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। पिछली बार लोगों ने यह भी देखा कि कोरोना को लेकर कई बार बहुत अधिक सतर्कता बरती जा रही है जिसकी आवश्यकता नहीं है। यह भी एक कारण है कि लोगों के अनुभव ने उन्हें कोरोना से लड़ने के लिए ज्यादा तैयार कर दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चिंता नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी- विशेषज्ञ
राजधानी के एक प्रमुख अस्पताल में कोरोना मामलों के इंचार्ज रह चुके डॉ. संदीप नायर ने अमर उजाला से कहा कि इस बार कोरोना बहुत ज्यादा घातक नहीं दिखाई दे रहा है। संक्रमण की चपेट में आए मरीजों में भी बहुत गंभीर लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि इस बार कोरोना ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में नहीं ले पा रहा है। केंद्र सरकार ने भी अपने दिशा निर्देश में इसे खतरनाक नहीं बताया है।


डॉ. संदीप नायर ने कहा कि, कोरोना का नया वैरिएंट खतरनाक नहीं है, लेकिन इसके बाद भी लोगों को सतर्क रहना चाहिए। विशेषकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते हुए पर्याप्त सतर्कता और दूरी बरतनी चाहिए। किसी भी प्रकार की बीमारी से जूझ रहे हों तो संक्रमण की चपेट में आने से बचें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनकर ही जाएं।    
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed