{"_id":"6366f6bfd95efa1901014185","slug":"covid-19-patient-infected-with-for-411-days-is-finally-cured","type":"story","status":"publish","title_hn":"Covid 19: 411 दिनों तक कोरोना से जूझा मरीज अब हुआ ठीक, जेनेटिक कोड के अध्ययन से मिली सफलता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Covid 19: 411 दिनों तक कोरोना से जूझा मरीज अब हुआ ठीक, जेनेटिक कोड के अध्ययन से मिली सफलता
Sun, 06 Nov 2022 05:20 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, लंदन।
एजेंसी, लंदन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 06 Nov 2022 05:20 AM IST
सार
लंदन के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर लूक स्नेल ने कहा कि कुछ मरीज कोरोना से कई महीनों या कई वर्षों तक कोरोना पॉजिटिव रह सकते हैं। इससे शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंच सकता है।
विज्ञापन
corona patient
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने 411 दिनों से कोरोना वायरस से पीड़ित मरीज को ठीक करने का दावा किया है। शोधकर्ताओं ने उसे ठीक करने के लिए खास वायरस के जेनेटिक कोड का अध्ययन किया। इस अध्ययन से शोधकर्ताओं को सही इलाज का पता चला, फिर जाकर मरीज ठीक हुआ।
विज्ञापन
जर्नल इंफेक्शन डिजीज में प्रकाशित अध्ययन में एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट और किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने बताया कि 59 वर्षीय व्यक्ति 13 महीने के इलाज के बाद कोरोना संक्रमण से मुक्त हुआ। लंदन के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर लूक स्नेल ने कहा कि कुछ मरीज कोरोना से कई महीनों या कई वर्षों तक कोरोना पॉजिटिव रह सकते हैं। इससे शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंच सकता है।
विज्ञापन
रोगी का किडनी ट्रांसप्लांट का इलाज चल रहा था इस दौरान वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए, उनमें कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे। वहीं जिन दवाओं की उनको आवश्यता थी वह उनको नहीं दी गई, जिससे उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो गई। हालांकि उन्होंने टीके के तीन खुराक ले ली थीं। वह जनवरी 2022 कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे।
विज्ञापन
लंदन के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर लूक स्नेल ने कहा कि कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले कुछ लोगों को अभी भी गंभीर बीमारी और लगातार संक्रमित होने का खतरा है। हम अभी भी उनके इलाज के सर्वोत्तम तरीके को समझने के लिए काम कर रहे हैं। कोरोना वायरस के कुछ नए प्रकार ब्रिटेन और यूरोप में उपलब्ध सभी एंटीबॉडी उपचारों के लिए प्रतिरोधी हैं।