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ज्ञापनों के लिए डाकघर नहीं बन सकती अदालत: हाईकोर्ट
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 09 Oct 2016 02:54 AM IST
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अदालत
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जनता के ज्ञापनों का जवाब देने में असफल रहने पर मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। नाराज कोर्ट ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उसकी खंडपीठों को इस प्रकार की याचिकाओं पर निर्णय करने के लिए डाकघर नहीं बनाया जा सकता।
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अदालत ने यह प्रतिक्रिया शुक्रवार को सी अरूमुगम की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए दी। अरूमुगम ने अपनी याचिका में अत्तुर गांव में अतिक्रमण हटाने के लिए विल्लुपुरम के कलेक्टर और अन्य संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश देने की अपील की थी।
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अदालत ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए कलेक्टर को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता के ज्ञापन पर अधिकतम तीन महीने के भीतर निर्णय लें। अदालत ने कहा कि अतिक्रमण और अवैध निर्माण के मामलों में अदालत तभी हस्तक्षेप करती है जब प्रशासन शिकायत का निपटारा करने में असफल रहता है।
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