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मोदी सरकार 48 IAS-IPS अफसरों पर दर्ज करेगी भ्रष्टाचार का केस
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
Updated Wed, 02 Aug 2017 10:09 PM IST
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लोकसभा में बुधवार को केंद्र सरकार ने बताया कि 48 भ्रष्ट अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप में केस चलाने की अनुमति दी गई है। इनमें आईएएस, आईपीएस और आईआरएस अधिकारी शामिल हैं।
कार्मिक मामलों के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक लिखित जवाब में लोकसभा को बताया कि इन भ्रष्ट अफसरों में 23 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के, तीन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के और 22 भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के हैं।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में केस चलाने की अनुमति दी गई है वो 2014-15 से अब तक के हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान 13 भ्रष्ट अफसरों को नौकरी से भी हटाया गया है, जिनमें 4 आईएएस, एक आईपीएस और आठ आईआरएस अधिकारी हैं।
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गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री के समक्ष प्रजेंटेशन में कार्मिक मंत्रालय ने कहा था कि खराब प्रदर्शन करने वालों और कथित रूप से अवैध गतिविधियों में शामिल रहने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 24 अधिकारियों समेत सिविल सेवा के 381 अधिकारियों के खिलाफ समयपूर्व सेवानिवृत्ति और वेतन में कटौती जैसी कार्रवाई की गई ।
मंत्रालय ने कहा था कि ये कठोर उपाय नौकरशाही में जवाबदेही और अनुशासन की भावना उत्पन्न करने के लिए काफी हद तक सफल रहे हैं और इसके जरिए कर्मचारियों तक संदेश भी पहुंचा है कि या तो प्रदर्शन करके दिखाओ या बाहर जाओ। आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसी अखिल भारतीय सेवाओं के 2,953 अधिकारियों समेत ग्रुप ए के 11,828 अधिकारियों के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई।
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कार्मिक मामलों के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक लिखित जवाब में लोकसभा को बताया कि इन भ्रष्ट अफसरों में 23 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के, तीन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के और 22 भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के हैं।
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उन्होंने कहा कि जिन मामलों में केस चलाने की अनुमति दी गई है वो 2014-15 से अब तक के हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान 13 भ्रष्ट अफसरों को नौकरी से भी हटाया गया है, जिनमें 4 आईएएस, एक आईपीएस और आठ आईआरएस अधिकारी हैं।
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गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री के समक्ष प्रजेंटेशन में कार्मिक मंत्रालय ने कहा था कि खराब प्रदर्शन करने वालों और कथित रूप से अवैध गतिविधियों में शामिल रहने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 24 अधिकारियों समेत सिविल सेवा के 381 अधिकारियों के खिलाफ समयपूर्व सेवानिवृत्ति और वेतन में कटौती जैसी कार्रवाई की गई ।
मंत्रालय ने कहा था कि ये कठोर उपाय नौकरशाही में जवाबदेही और अनुशासन की भावना उत्पन्न करने के लिए काफी हद तक सफल रहे हैं और इसके जरिए कर्मचारियों तक संदेश भी पहुंचा है कि या तो प्रदर्शन करके दिखाओ या बाहर जाओ। आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसी अखिल भारतीय सेवाओं के 2,953 अधिकारियों समेत ग्रुप ए के 11,828 अधिकारियों के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई।