खतरनाक शत्रु 'कोरोना' की ये है ताकत और कमजोरी, लड़ाई के लिए सुरक्षा बलों को मिला 8 प्वाइंट फार्मूला
आईटीबीपी में 82, सीआईएसएफ में 32 और एसएसबी में भी 17 केस सामने आए हैं। देश के अन्य हिस्सों में त्रिपुरा से 50 और सीआईएसएफ के 19 संक्रमित मामलों को छोड़ दें, तो बाकी केस दिल्ली से जुड़े हैं।
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कोरोना वायरस, अब धीरे-धीरे केंद्रीय सुरक्षा बलों (सीएपीएफ) के कर्मियों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। इसके चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय और सभी बल मुख्यालय चिंतित हैं। केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों से कहा गया है कि वे 'कोरोना' को एक खतरनाक शत्रु मानकर उससे लड़ें।
बाकायदा, सभी बलों को 'कोरोना' की ताकत और कमजोरी बताई गई है। साथ ही, लड़ाई के लिए उन्हें आठ प्वाइंट फार्मूला भी दे दिया गया है। जवानों को अपने घर से लेकर ड्यूटी स्थल तक इन नियमों का पालन करना होगा।
कोरोना से बचाव के लिए ये हैं आठ प्वाइंट
- हाथों को अच्छी से धोएं या सैनिटाइजर से साफ करें
- ड्यूटी के बाद जब घर लौटें तो मुख्य गेट खोलने से पहले हाथों को सैनिटाइज करें
- अंदर जाने के बाद हाथों को 20 सेकेंड तक साबुन और पानी से धोएं
- दस्ताने उतारें, पर्स घड़ी आदि को 70 फीसदी अल्कोहल बेस्ड् सैनिटाइजर से साफ करें
- उसके बाद बाथरुम में जाएं; अपने सभी वस्त्रों को खास तरह के डिटरजेंट सोल्यूशन में डाल दें
- अपने चेहरे को सीधे साफ पानी से न धोएं, पहले उस पर साबुन लगाएं और फिर उसे वॉश करें
- अब स्नान करें और साबुन का इस्तेमाल अवश्य करें
- जब घर से बाहर जाएं और अंदर आएं तो उक्त प्रैक्टिस अमल में लाई जानी चाहिए
सीएपीएफ में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के पॉजिटिव केस
खासतौर पर दिल्ली में तैनात सीएपीएफ कर्मियों में कोरोना के पॉजिटिव केस तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण ने केंद्रीय अर्धसैनिकों बलों के चार सौ से अधिक जवानों और अधिकारियों को अपनी चपेट में ले लिया है।
बीएसएफ के दो जवानों ने गुरुवार को कोविद-19 के चलते दम तोड़ दिया। इस बल में 190 से अधिक जवान कोरोना से पीड़ित हैं। सीआरपीएफ में पहले ही एक एसआई की कोरोना से मौत हो चुकी है। इस बल में कोरोना के पॉजिटिव मामले 162 से अधिक है।
आईटीबीपी में 82, सीआईएसएफ में 32 और एसएसबी में भी 17 केस सामने आए हैं। देश के अन्य हिस्सों में त्रिपुरा से 50 और सीआईएसएफ के 19 मामलों को छोड़ दें, तो बाकी केस दिल्ली से जुड़े हैं।
कर्मियों को बताई गई कोरोना की ताकत और कमजोरी
सीआरपीएफ में आईजी डायरेक्टर (मेडिकल) डॉ. एचएल रसकरन ने सभी कर्मियों को कोरोना की ताकत और कमजोरी बताई है। अब इसी आधार पर कर्मियों को लड़ाई लड़नी है। चूंकि किसी भी दुश्मन को हराने के लिए एक मजबूत पक्ष यह होता है कि हम उसके नुकसान पहुंचाने वाले हमले से बच जाएं।
उससे बचाव का एक तरीका ढूंढ लिया जाए। उसका कमजोर पहलू यह होता है कि हम जानते हैं उस पर हमला कैसे करना है और नष्ट किस तरह करेंगे। कोरोना भी एक बॉल के आकार का होता है। इसके चारों ओर कुछ कांटे से हैं।
यह उच्चस्तर वाला संक्रामक वायरस है। इसी वजह से भारी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। बतौर डॉ. रसकरन, हम इससे बच सकते हैं। अगर हम सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, दस्ताने और सैनिटाइजर का सही इस्तेमाल करते हैं तो आसानी से कोरोना को अपनी ओर आने से रोका जा सकता है।
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