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कोरोना: गृह मंत्रालय का अलर्ट, 30 दिन तक सभी गैर आपातकालीन यात्रा रोक दें सुरक्षा बल

Wed, 18 Mar 2020 07:15 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 18 Mar 2020 07:15 PM IST
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CoronaVirus: Home ministry ordered to paramilitary forces to avoid unnecessary visits till 30 days
गृह मंत्रालय पहुंचा प्रतिनिधिमंडल - फोटो : ANI (File)
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना के मद्देनजर सुरक्षा बलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि वे सभी गैर आपातकालीन यात्रायें रोक दें। सुरक्षा बलों को किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। चूंकि कोरोना एक संक्रामक वायरस है, इसलिए इसे एक राष्ट्रीय आपदा मानकर इससे निपटा जा रहा है।
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सरकार इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए तमाम प्रयास कर रही है। ऐसे में सुरक्षा बलों की दोहरी जिम्मेदारी बन जाती है। एक उन्हें खुद को स्वस्थ रखना है और दूसरा, इस वायरस को फैलने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, उसमें भी मदद देनी है।
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गृह मंत्रालय की तरफ से जारी अलर्ट में सुरक्षा बलों को करना होगा इन बातों का पालन...

  • चिकित्सा कर्मचारी सभी ऐसे प्रशासनिक कार्यों से बचें, जिन्हें स्थगित किया जा सकता है। जैसे एएमई, भर्तियां, डीपीसी चिकित्सा परीक्षा, मेडिकल बोर्ड की समीक्षा आदि।
  • अंतरराष्ट्रीय या घरेलू, हवाई, बस या ट्रेन यात्रा से कम से कम एक महीने के लिए बचें।
  • जब तक अनिवार्य न हो, लंबी दूरी की यात्रा बिल्कुल न करें। 
  • सुरक्षा बलों में किसी भी तरह के सभी गैर-आपातकालीन अवकाश को रद्द कर दिया जाएगा। मकसद, इससे यात्रा जोखिम में भी कमी आएगी।
  • कम से कम एक महीने के लिए सभी बैठकों/बोर्डों को रद्द/स्थगित करें। जो अनिवार्य रूप से आवश्यक है, केवल वही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
  • उन सभी स्थानों से बचें जो एक छोटे से क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं। जैसे स्कूल, जिम, मॉल, ओपन-एयर मार्केट, थिएटर, मंदिर, अन्य पूजा स्थल, स्विमिंग पूल, आदि।
  • कैंटीन में इकट्ठा होने से बचें।

  • बाहरी लोगों के साथ सभी बैठकों को स्थगित करें। वेब आधारित बैठकें आयोजित करें। यदि जरूरी हो, तो दस से अधिक समूहों में नहीं मिलें।
  • सभी सम्मेलनों व खेल आयोजनों से बचें।
  • बाजारों और मॉल की यात्राओं से बचें।
  • हैंडशेक से बचें और कैसे खांसना है, उसका अभ्यास करें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर विशेष रूप से बार-बार हाथ धोएं।
  • अधिक वॉश बेसिन स्थापित करें और हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था करें। वॉश बेसिन सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध होना चाहिए, अधिमानतः कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर।
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  • घर के बाहर जूते रखें और घर में प्रवेश करने पर तुरंत हाथ और चेहरा धो लें।
  • घर और कार्यालय में सभी को हाथ धोने की तकनीक सिखाने की व्यवस्था करें 
  • विशेष रूप से हाथ धुलने की प्रक्रिया को प्रदर्शन और सफाई के साथ स्वच्छता में शामिल करें।यह भी जांचें कि क्या उन्होंने तकनीक सीखी है।
  • पीईपी उपकरण और सभी कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से हेल्थकेयर स्टाफ और सफ़ाई कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त आपातकालीन बजट की योजना और व्यवस्था करें।
  • इसमें वॉशिंग पाउडर, विम, फिनाइल, ब्लीचिंग पाउडर, प्लास्टिक कंटेनर, पर्याप्त बाल्टी, मोप्स, पैर संचालित डस्टबिन जैसे ढक्कन आदि शामिल हैं।
  • समन्वित टीमों को व्यवस्थित करें और स्वास्थ्य देखभाल, संचार, सुरक्षा, उपकरणों की खरीद आदि के नाम से जिम्मेदारी दी गई, उसे तय समय में पूरा करें।
  • सोशल मीडिया के माध्यम से जोरदार जन जागरूकता और शिक्षा अभियानों को व्यवस्थित करें।

  • डब्ल्यूएचओ और एमओएचएफडब्ल्यू वेबसाइटों पर उपलब्ध पोस्टर, पैम्फलेट और ब्रॉशर वितरित करें।
  • नवीनतम अपडेट और मार्गदर्शन के लिए एनसीडीसी, एमओएचएफडब्ल्यू और डब्ल्यूएचओ दिशानिर्देशों का पालन करें।
  • कर्मियों और उनके परिवारों को स्व-संगरोध के बारे में जागरूक करें और यह महत्वपूर्ण क्यों है, ये अवश्य बताएं।
  • मोबाइल फोन और अडेप्टर पर्याप्त चार्जिंग पॉइंट के साथ रखें।
  • कपड़ों, दवाओं और भोजन / किराने के सामानों की पर्याप्त व्यवस्था बनायें।
  • हेल्थकेयर स्टाफ अधिकतम जोखिम पर है। यदि वे बीमार पड़ते हैं, तो स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के अत्यधिक प्रभावित होने की संभावना है।
  • जिला अधिकारियों से मदद लें। इन विषयों पर ऑनलाइन प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाये।
  • सोशल मीडिया पर अवैज्ञानिक, निराधार संदेशों को आगे न बढ़ाएं। विश्वसनीय स्रोतों से सही जानकारी के साथ ऐसे भ्रामक संदेशों को ठीक करें। यह घबराहट और भय की जांच करने में मदद करता है।
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