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कोरोना वायरस: बिना डॉक्टर की सलाह के न कराएं सीटी स्कैन
Wed, 05 May 2021 11:32 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 05 May 2021 11:32 AM IST
सार
- दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया पहले ही कह चुके हैं कि व्यक्ति को हर के लक्षण है तो सीटी स्कैन कराने की जरूरत नहीं है
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
कोरोना जैसे लक्षण महसूस होने पर सीने का सिटी स्कैन कराने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि हल्के या सामान्य लक्षण वाले संक्रमितों के साथ जिन लोगों की आर्टिफिशियल निगेटिव है, वह जांच कराने में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसी तरह स्टेरॉयड का भी इस्तेमाल लोग कर रहे हैं जिससे स्थिति सुधरने की बजाय बिगड़ रही है।
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ऑक्सीजन लेवल पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया पहले ही कह चुके हैं कि व्यक्ति को हर के लक्षण है तो सीटी स्कैन कराने की जरूरत नहीं है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉक्टर नवजोत सिंह दहिया बताते हैं कि लोग महामारी के भयावह रूप से डरे हुए हैं।
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आइसोलेशन में 7 दिन तक सुधार नहीं तो कराएं जांच
अस्पताल में ओपीडी सेवा बंद होने के कारण वह गूगल को अपना डॉ मानकर चल रहे हैं। जिन्हें हल्का या सामान्य बुखार है वह भी डर के मारे 5 से 7 हजार रुपये खर्च कर सीने का सीटी स्कैन करा रहा है। सीटी स्कैन उसे ही कराना चाहिए, जो होम आइसोलेशन या अस्पताल में है और उसकी हालत नहीं सुधर रही है।
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