{"_id":"639fab9c26098c26990e337e","slug":"cop15-india-said-create-biodiversity-conservation-fund-immediately","type":"story","status":"publish","title_hn":"COP-15: भारत ने कहा- तत्काल बनाएं जैव विविधता संरक्षण कोष, वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर दिया जोर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
COP-15: भारत ने कहा- तत्काल बनाएं जैव विविधता संरक्षण कोष, वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर दिया जोर
Mon, 19 Dec 2022 05:39 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 19 Dec 2022 05:39 AM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि विकासशील देशों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए एक नया और समर्पित तंत्र बनाने की आवश्यकता है। ऐसी निधि जल्द से जल्द बनाई जानी चाहिए।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन में भूपेंद्र यादव।
- फोटो : Twitter@byadavbjp
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत ने कनाडा के मॉन्ट्रियल में संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन (कॉप 15) में जैव विविधता संरक्षण के लिए एक नया और समर्पित कोष बनाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। भारत ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण जिम्मेदारियों व क्षमताओं पर आधारित होना चाहिए, क्योंकि जलवायु परिवर्तन जैव विविधता को भी प्रभावित करता है। जैव विविधता के संरक्षण के लक्ष्यों को लागू करने का ज्यादा बोझ विकासशील देशों पर पड़ता है।
विज्ञापन
इसलिए फौरन नए फंड की है जरूरत
भारत सहित 196 देशों के प्रतिनिधि सात दिसंबर से शुरू हुए संयुक्त राष्ट्र के जैवविविधता शिखर सम्मेलन (कॉप 15) में नई वैश्विक जैव विविधता रूपरेखा (जीबीएफ) पर वार्ता को अंतिम रूप देने की उम्मीद से एकत्रित हुए हैं। सम्मेलन में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि विकासशील देशों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए एक नया और समर्पित तंत्र बनाने की आवश्यकता है। ऐसी निधि जल्द से जल्द बनाई जानी चाहिए, ताकि सभी देश 2020 के बाद जीबीएफ का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन कर सकें।
विज्ञापन