सियासी 'रील' में फंसी ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ भाजपा ने दी हवा, सवालों पर मनमोहन रहे मौन
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राजनीतिक जीवन पर बनी फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का ट्रेलर बृहस्पतिवार की रात भाजपा के ट्विटर हैंडल से जैसे ही पोस्ट हुआ, इसे लेकर विवाद शुरू हो गया। इस विवाद को उस वक्त और हवा मिली जब शुक्रवार की सुबह मीडिया ने मनमोहन से इस बारे में सवाल पूछा और वे बिना कोई जवाब दिए मौन साधे आगे बढ़ गए। 11 जनवरी को रिलीज हो रही इस फिल्म में मनमोहन की भूमिका अनुपम खेर ने निभाई है। कांग्रेस ने इस फिल्म को लोगों का ध्यान बांटने की तरकीब बताया।
मनमोहन सिंह कार्यकाल में 2004-08 के बीच उनके मीडिया सलाहकार संजय बारू की लिखी किताब ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर बनी फिल्म का ट्रेलर ट्वीट करते हुए भाजपा ने इसकी कहानी बताई है। पार्टी ने बताया कि कैसे एक परिवार ने दस साल तक देश को बंधक बनाकर रखा। उसने सवाल उठाया कि क्या डॉ. मनमोहन सिंह सिर्फ तब तक पीएम की कुर्सी पर बैठे थे जब तक कि उनका सियासी उत्तराधिकारी तैयार न हो जाए?
दूसरी तरफ शुक्रवार को कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी मुख्यालय पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व पीएम से जब इस ट्रेलर पर टिप्पणी मांगी गई तब उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार करते हुए मौन साध लिया। हालांकि बाद में कांग्रेस ने इस फिल्म के रिलीज होने की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठाया क्योंकि इसे 2019 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले रिलीज किया जा रहा है।
इस बीच कांग्रेस ने पार्टी प्रवक्ताओं से कहा कि वे फिल्म को लेकर बयानबाजी न करें। लेकिन इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा प्रोपेगेंडा करने में मास्टर है। कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने पूछा कि क्या इससे पहले भाजपा ने कोई फिल्म प्रमोट की है? उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पूनिया ने इसे भाजपा का खेल बताते हुए कहा कि पार्टी के पास पांच साल खत्म होने पर लोगों को बताने के लिए कोई काम नहीं है इसलिए उनका ध्यान भटकाने के लिए यह हथकंडा अपनाया गया है। उधर, महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सत्यजीत टाम्बे ने फिल्म के निर्माता व निर्देशक को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है।
यूथ कांग्रेस रोकेगी फिल्म का प्रदर्शन
यदि इसमें आपत्तिजनक दृश्य हुए तो उन्हें हटाना होगा, वरना वो पूरे देश में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा। पत्र में लिखा है, ‘ट्रेलर को देखकर साफ है कि कांग्रेस पार्टी को बदनाम करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए चेयरपरसन सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी से जुड़े तथ्यों से छेड़छाड़ कर उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया है।
यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी मांग है कि लोगों को दिखाने से पहले यह फिल्म हमें दिखाई जाए। हम छेड़े गए तथ्यों वाले सीन बदलने या हटाने को कहेंगे और वो कौन से हैं ये हम फिल्म देखने के बाद तय करेंगे। यदि ऐसा नहीं किया गया तो माना जाएगा कि यह सब जानबूझ किया जा रहा है और उस सूरत में हमारे पास देश भर में फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचेगा।’
मध्यप्रदेश में फिल्म पर प्रतिबंध नहीं
मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग ने ट्वीट किया कि सरकार द्वारा फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है इसलिए इस बारे में मीडिया रिपोर्टों की बातें तथ्यात्मक नहीं हैं।मनमोहन की 'खामोशी' के अलावा क्या है खास
कुर्सी से हटाने का भी है जिक्र
यह फिल्म मनमोहन के 2004 से 2014 के उनके पीएम कार्यकाल पर बनी है। ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के तीन मिनट के ट्रेलर में सोनिया गांधी के मनमोहन सिंह को पीएम चुनने से लेकर परमाणु समझौते, कश्मीर मुद्दे और यूपीए सरकार में हुए घोटालों का भी उल्लेख है। ट्रेलर का ओपनिंग डायलॉग है - ‘मुझे तो डॉ. साहब भीष्म जैसे लगते हैं जिनमें कोई बुराई नहीं है लेकिन फैमिली ड्रामा के शिकार हो गए।’ ट्रेलर में दिखाया गया कि कैसे मनमोहन सिंह को कुर्सी से हटाकर राहुल गांधी को पीएम बनाने की प्लानिंग होती है। इसमें भी दिखाया गया कि कैसे मनमोहन तमाम मुसीबतों को खामोशी के साथ सहते हैं।अक्षय खन्ना ने निभाया संजय बारू का रोल,सोनिया बनीं सुजेन बर्नर्ट
इस फिल्म में दिव्या सेठ शाह मनमोहन की पत्नी गुरशरण कौर की भूमिका में नजर आएंगी जबकि मनमोहन के मीडिया सलाहकार संजय बारू का रोल अभिनेता अक्षय खन्ना ने निभाया है। अभिनेत्री सुजेन बर्नर्ट ने सोनिया गांधी का रोल निभाया है और निर्देशन किया है विजय रत्नाकर गुट्टे ने। हंसल मेहता इसके क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं।ये हैं फिल्म के कुछ खास डायलॉग्स
''दिल्ली दरबार में एक ही तो चर्चा थी कि डॉ. साहब को पार्टी से हटाएंगे और पार्टी राहुल जी का अभिषेक करेंगी।''
''आप कश्मीर का हल निकालेंगे तो आने वाले प्राइम मिनिस्टर क्या करेंगे।''
''मुझे तो डॉ. साहब भीष्म पितामह जैसे लगते हैं जिनमें कोई बुराई नहीं है पर फैमिली ड्रामा के पीड़ित लगते हैं।''
''परमाणु समझौते की लड़ाई तो हमारे लिए पानीपत की लड़ाई से भी अधिक मुश्किल थी।''
''महाभारत में दो फैमिली थी भारत में तो एक ही है।''
''सौ करोड़ की आबादी वाले देश को ये गिने चुने लोग चलाते हैं। ये देश की कहानी लिखते हैं। ''
‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ विवाद पर किसने क्या कहा?
अनुपम खेर बोले- कांग्रेस जितना विरोध करेगी उतनी ही पब्लिसिटी मिलेगी
ट्रेलर के संबंध में मनमोहन सिंह का किरदार निभाने वाले अनुपम खेर ने कहा था कि पूर्व पीएम का किरदार निभाना बेहद मुश्किल रहा। खासतौर पर उनकी आवाज। इसके लिए अनुपम खेर ने लगभग 100 घंटे की मनमोहन सिंह की फुटेज देखी। इसके बाद 6-7 माह का समय उन्होंने हामी भरने के लिए लिया। खेर ने कहा, ‘जितना ज्यादा कांग्रेसी इसका विरोध करेंगे, फिल्म को उतनी ही ज्यादा पब्लिसिटी मिलेगी। इस विषय पर किताब 2014 में ही आ गई थी तब कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।’ उन्होंने कहा कि तथ्यों को बदला नहीं जा सकता है, चाहे वे जलियांवाला बाग के हों या होलोकास्ट (द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी में हुए नरसंहार) के। उन्होंने कहा, मैंने राहुल गांधी जी का ट्वीट पढ़ा था, जिसमें उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी पर बोला था। इसलिए मुझे लगता है कि वे (राहुल) प्रदर्शनकारियों को डांट लगाएं क्योंकि वे गलत कर रहे हैं।
यह मेरे लिए देजा वु मोमेंट (पहले भी देखा जा चुका) हैं। गतवर्ष आपातकाल पर आधारित मेरी फिल्म इंदु सरकार का भी पूरे देश में विरोध हुआ था। ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ एक किताब पर आधारित फिल्म है और जब इस पुस्तक पर विवाद नहीं हुआ, तो फिल्म पर क्यों हो रहा है। - मधुर भंडारकर, फिल्म निर्माता
क्या हम किसी फिल्म को बधाई और शुभकामनाएं नहीं दे सकते? अपनी इच्छा जाहिर नहीं कर सकते...? कांग्रेस स्वतंत्रता की पक्षधर रही है, तो अब वो उसी आजादी पर सवाल क्यों उठा रही है... -राज्यवर्धन सिंह राठौर, केंद्रीय सूचना व प्रसारण राज्यमंत्री
यह भाजपा का खेल है। वह जानती हैं कि उनके कार्यकाल के पांच साल खत्म होने को हैं और जनता को दिखाने के लिए उनके पास कुछ नहीं है, इसलिए वे ध्यान बंटाने के लिए ऐसी तरकीब अपना रहे हैं। लेकिन कुछ हल होने वाला नहीं है।-पीएल पूनिया, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
इस प्रकार के फर्जी प्रचार के बावजूद हम मोदी सरकार से ग्रामीण संकट, भारी बेरोजगारी, नोटबंदी आपदा, त्रुटिपूर्ण जीएसटी और विफल मोदीनॉमिक्स पर सवाल पूछना नहीं रोकेंगे। हम सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी उससे सवाल पूछना रोकेंगे नहीं। -रणदीप सुरजेवाला, मुख्य प्रवक्ता (कांग्रेस)