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अभिषेक मनु सिंघवी के खिलाफ सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Updated Sat, 07 Apr 2018 09:38 PM IST
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कांग्रेस
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पश्चिम बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने ही नेता अभिषेक मनु सिंघवी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। बता दें कि राज्य में होने वाले पंचायत चुनावों पर भाजपा की याचिका पर सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व किया। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुख व्यक्त किया। विरोध के दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया है।
बता दें कि इससे पहले भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। पार्टी ने बताया कि राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस बड़े पैमाने पर राजनीतिक हिंसा में लिप्त है और आगामी पंचायत चुनाव के लिए उसके उम्मीदवारों को नामांकन तक दाखिल नहीं करने दे रही है।
न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल और ए एम सप्रे की पीठ ने इस मसले पर 9 अप्रैल तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई ने ऑनलाइन नामांकन पत्र उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उसने मई के पहले सप्ताह में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए राज्य में अर्धसैनिक बलों को तैनात करने की मांग की है।
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पार्टी ने पीठ को बताया कि न केवल भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस भी पीड़ित है और इसी तरह की राहत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में मदद की गुहार लगा चुकी है। भाजपा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी से पीठ ने पूछा कि आपने हाईकोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया।
इस पर रोहतगी ने कहा कि भले ही मैं कलकत्ता हाईकोर्ट नहीं गया, लेकिन मैं सीधे सुप्रीम कोर्ट जा सकता हूं, क्योंकि यह लोकतंत्र का सवाल है और वहां लोकतंत्र की हत्या हो रही है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में 1 मई, 3 मई और 5 मई को क्रमशः वोट डाले जाएंगे, जबकि 8 मई को नतीजों की घोषणा होगी।
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बता दें कि इससे पहले भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। पार्टी ने बताया कि राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस बड़े पैमाने पर राजनीतिक हिंसा में लिप्त है और आगामी पंचायत चुनाव के लिए उसके उम्मीदवारों को नामांकन तक दाखिल नहीं करने दे रही है।
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न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल और ए एम सप्रे की पीठ ने इस मसले पर 9 अप्रैल तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई ने ऑनलाइन नामांकन पत्र उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उसने मई के पहले सप्ताह में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए राज्य में अर्धसैनिक बलों को तैनात करने की मांग की है।
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पार्टी ने पीठ को बताया कि न केवल भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस भी पीड़ित है और इसी तरह की राहत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में मदद की गुहार लगा चुकी है। भाजपा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी से पीठ ने पूछा कि आपने हाईकोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया।
इस पर रोहतगी ने कहा कि भले ही मैं कलकत्ता हाईकोर्ट नहीं गया, लेकिन मैं सीधे सुप्रीम कोर्ट जा सकता हूं, क्योंकि यह लोकतंत्र का सवाल है और वहां लोकतंत्र की हत्या हो रही है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में 1 मई, 3 मई और 5 मई को क्रमशः वोट डाले जाएंगे, जबकि 8 मई को नतीजों की घोषणा होगी।