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मायावती के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, कपड़े में सलवटें हैं तो बैठकर दूर कर लेंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 03 Oct 2018 06:46 PM IST
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Randeep Surjewala
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला है। मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस करके साफ कर दिया है कि वह कांग्रेस के साथ अब गठबंधन नहीं करेंगी। मायावती ने इसका ठीकरा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर फोड़ा है। इसके बाद कांग्रेस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मायावती ने अपनी भावना व्यक्त की है, जिसका हम आदर करते हैं। उन्होंने कहा कि मायावती ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस में अपना पूरा विश्वास जताया है। जिसका हम सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल, सोनिया और मायावती तीनों में सद्भाव है तो इनमें कोई व्यवधान नहीं डाल सकता है। कोई भी चौथा व्यक्ति बीच में नहीं आ सकता है। हालांकि सुरजेवाला ने कहा कि अगर कपड़े में सलवटें हैं तो हम सद्भाव और प्रेम के साथ उन्हें बैठकर दूर कर लेंगे।
वहीं मायावती के बयान के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह बसपा सुप्रीमो मायावती का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा गठबंधन के पक्ष में रहे हैं। पता नहीं मायावती जी ऐसा क्यूं बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा पीएम मोदी, अमित शाह, भाजपा और आरएसएस की आलोचना करता हूं।
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दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह हमेशा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को फॉलो करते हैं। वह छत्तीसगढ़ में भी बसपा से गठबंधन के पक्ष में थे। उन्होंने कहा कि वह मध्य प्रदेश में भी बसपा से गठबंधन चाहते हैं।
बता दें कि भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता की पहल पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने पानी फेर दिया है। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गठबंधन न होने के लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह जिम्मेदार है। हालांकि सोनिया गांधी और राहुल गठबंधन चाहते थे।
मायावती ने दिग्विजय को भाजपा का एजेंट बताते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व सोनिया गांधी बसपा से गठबंधन के पक्ष में हैं लेकिन पार्टी के वरिष्ठ व स्वार्थी नेता ऐसा नहीं चाहते। दरअसल, दिग्विजय सिंह ने बयान दिया था कि बसपा मध्य प्रदेश चुनाव में कांग्रेस से इसलिए गठबंधन नहीं करना चाहती क्योंकि मायावती सीबीआई से डरती है। जिसका जवाब आज मायावती ने दिया।
मायावती ने कांग्रेस की मंशा पर भी सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस, भाजपा को सत्ता से हटाने की बात तो करती है लेकिन इस पर अमल नहीं करती। जब चुनाव निकल जाते हैं तो बयानबाजी ही करती रह जाती है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन इसने दलितों, आदिवासियों व अल्पसंख्यकों के लिए कुछ नहीं किया। यहां तक कि केंद्र की सत्ता में रहने पर बसपा को कमजोर करने के लिए मुझे ताज कॉरिडोर मामले में भी फंसाया लेकिन बसपा किसी के हाथों का खिलौना नहीं बनना चाहती। मायावती ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस, भाजपा के कारण अल्पसंख्यकों को टिकट देने में कटौती कर सकती है पर बसपा ऐसा नहीं करेगी।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस अहंकार नहीं छोड़ना चाहती। उन्हें लगता है कि वो अकेले ही भाजपा को हरा देगी, लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है। कांग्रेस अपनी गलतियों को सुधारना नहीं चाहती।
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कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मायावती ने अपनी भावना व्यक्त की है, जिसका हम आदर करते हैं। उन्होंने कहा कि मायावती ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस में अपना पूरा विश्वास जताया है। जिसका हम सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल, सोनिया और मायावती तीनों में सद्भाव है तो इनमें कोई व्यवधान नहीं डाल सकता है। कोई भी चौथा व्यक्ति बीच में नहीं आ सकता है। हालांकि सुरजेवाला ने कहा कि अगर कपड़े में सलवटें हैं तो हम सद्भाव और प्रेम के साथ उन्हें बैठकर दूर कर लेंगे।
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वहीं मायावती के बयान के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह बसपा सुप्रीमो मायावती का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा गठबंधन के पक्ष में रहे हैं। पता नहीं मायावती जी ऐसा क्यूं बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा पीएम मोदी, अमित शाह, भाजपा और आरएसएस की आलोचना करता हूं।
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I've already made it clear that I respect Mayawati ji&has been in favour of Congress-BSP alliance from beginning. In Chhattisgarh, there were talks for alliance but she didn't go for it. In MP too there were talks of alliance, she declared 22 candidates: Digvijaya Singh, Congress pic.twitter.com/1K6ggE0bf3
— ANI (@ANI) October 3, 2018
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह हमेशा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को फॉलो करते हैं। वह छत्तीसगढ़ में भी बसपा से गठबंधन के पक्ष में थे। उन्होंने कहा कि वह मध्य प्रदेश में भी बसपा से गठबंधन चाहते हैं।
बता दें कि भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता की पहल पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने पानी फेर दिया है। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गठबंधन न होने के लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह जिम्मेदार है। हालांकि सोनिया गांधी और राहुल गठबंधन चाहते थे।
मायावती ने दिग्विजय को भाजपा का एजेंट बताते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व सोनिया गांधी बसपा से गठबंधन के पक्ष में हैं लेकिन पार्टी के वरिष्ठ व स्वार्थी नेता ऐसा नहीं चाहते। दरअसल, दिग्विजय सिंह ने बयान दिया था कि बसपा मध्य प्रदेश चुनाव में कांग्रेस से इसलिए गठबंधन नहीं करना चाहती क्योंकि मायावती सीबीआई से डरती है। जिसका जवाब आज मायावती ने दिया।
मायावती ने कांग्रेस की मंशा पर भी सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस, भाजपा को सत्ता से हटाने की बात तो करती है लेकिन इस पर अमल नहीं करती। जब चुनाव निकल जाते हैं तो बयानबाजी ही करती रह जाती है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन इसने दलितों, आदिवासियों व अल्पसंख्यकों के लिए कुछ नहीं किया। यहां तक कि केंद्र की सत्ता में रहने पर बसपा को कमजोर करने के लिए मुझे ताज कॉरिडोर मामले में भी फंसाया लेकिन बसपा किसी के हाथों का खिलौना नहीं बनना चाहती। मायावती ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस, भाजपा के कारण अल्पसंख्यकों को टिकट देने में कटौती कर सकती है पर बसपा ऐसा नहीं करेगी।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस अहंकार नहीं छोड़ना चाहती। उन्हें लगता है कि वो अकेले ही भाजपा को हरा देगी, लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है। कांग्रेस अपनी गलतियों को सुधारना नहीं चाहती।