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मूडीज ने घटाई भारत की रेटिंग, राहुल ने कहा- अभी तो स्थिति ज्यादा खराब होगी
Tue, 02 Jun 2020 09:53 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 02 Jun 2020 09:53 AM IST
सार
- मूडीज ने भारत की रेटिंग घटाई
- एजेंसी ने कहा, चार फीसदी तक गिर सकती है जीडीपी
- राहुल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा
- कांग्रेस नेता ने कहा, अभी और खराब स्थिति आने वाली है
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राहुल गांधी (फाइल फोटो)
- फोटो : Youtube
विस्तार
देश में लगभग 70 दिनों से लागू लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था की रफ्तार में कमी दर्ज की गई है। इस कारण रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को घटा दिया है। वहीं, राहुल गांधी ने भारत की रेटिंग घटाने पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है।
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रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने सोमवार को भारत की सावरेन (राष्ट्रीय) क्रेडिट रेटिंग को पिछले दो दशक से भी अधिक समय में पहली बार ‘बीएए2’ से घटाकर ‘बीएए3’ कर दिया। एजेंसी ने कहा है कि नीति निर्माताओं के समक्ष आने वाले समय में निम्न आर्थिक वृद्धि, बिगड़ती वित्तीय स्थिति और वित्तीय क्षेत्र के दबाव जोखिम को कम करने की चुनौतियां खड़ी होंगी।
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इसे लेकर कांग्रेस नेता और वायनाड सांसद राहुल गांधी ने सरकार को निशाने पर लिया है। राहुल ने कहा है कि सरकार गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने में पूरी तरह नाकाम रही है।
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कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, 'मूडीज ने मोदी द्वारा भारत की अर्थव्यवस्था को संभालने को कबाड़ (जंक) वाली रेटिंग से एक कदम ऊपर रखा है। गरीबों और एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन की कमी का मतलब है कि अभी और अधिक खराब स्थिति आने वाली है।'
चार फीसदी तक गिर सकती है जीडीपी
मूडीज का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में चार फीसदी तक गिरावट आ सकती है। भारत के मामले में पिछले चार दशक से अधिक समय में यह पहला मौका होगा जब पूरे साल के आंकड़ों में जीडीपी में गिरावट आएगी।
इसी अनुमान के चलते मूडीज ने भारत की सरकारी साख रेटिंग को ‘बीएए2’ से एक पायदान नीचे कर ‘बीएए3’ कर दिया। इसके मुताबिक भारत के विदेशी मुद्रा और स्थानीय मुद्रा की दीर्घकालिक इश्युअर रेटिंग को बीएए2 से घटाकर बीएए3 पर ला दिया गया है।
आखिरी बार मूडीज ने 1998 में भारत की रेटिंग को इतना कम किया था
‘बीएए3’ सबसे निचली निवेश ग्रेड वाली रेटिंग है। इसके नीचे कबाड़ वाली रेटिंग ही बचती है। एजेंसी ने कहा है कि मूडीज ने भारत की स्थानीय मुद्रा वरिष्ठ बिना गारंटी वाली रेटिंग को भी बीएए2 से घटाकर बीएए3 कर दिया है। इसके साथ ही अल्पकालिक स्थानीय मुद्रा रेटिंग को भी पी-2 से घटाकर पी-3 पर ला दिया गया है।
मूडीज का मानना है कि आने वाले समय में भारत के नीति निर्माता संस्थानों के समक्ष नीतियों को बनाने और उनके क्रियान्वयन की चुनौतियां खड़ी होंगी। ऐसी नीतियां जिनके क्रियान्वयन से कमजोर वृद्धि की अवधि, सरकार की सामान्य वित्तीय स्थिति के और बिगडने और वित्तीय क्षेत्र में बढ़ते दबाव के जोखिम को कम करने में मदद मिले। मूडीज ने इससे पहले 1998 में भारत की रेटिंग को कम किया था।
भारत की आर्थिक स्थिति कोविड-19 के आने से पहले ही शुरू हो चुकी थी
मूडीज का कहना है कि सुधारों की धीमी गति और नीतियों की प्रभावशीलता में रुकावट ने भारत की क्षमता के मुकाबले उसकी लंबे समय से चली आ रही धीमी वृद्धि में योगदान किया। यह स्थिति कोविड-19 के आने से पहले ही शुरू हो चुकी थी और यह इस महामारी के बाद भी जारी रहने की संभावना है।
मूडीज ने इससे पहले नवंबर 2017 में 13 साल के अंतराल के बाद भारत की सावरेन क्रेडिट रेटिंग को एक पायदान चढ़ाकर बीएए2 किया था। एजेंसी ने कहा कि नवंबर 2017 में भारत की रेटिंग को एक पायदान बढ़ाना इस उम्मीद पर अधारित था कि महत्वपूर्ण सुधारों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा और इससे अर्थव्यवस्था, संस्थानों और वित्तीय मजबूती में लगातार सुधार आएगा। तब से लेकर इन सुधारों का क्रियान्वयन कमजोर रहा और इनसे बड़ा सुधार नहीं दिखाई दिया। इस प्रकार नीतियों का प्रभाव सीमित रहने के संकेत मिलते हैं।