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सीईसी, एसआईआर और बैलेट पेपर: कांग्रेस अध्यक्ष ने याद दिलाईं तीन शर्तें, सरकार से कहा- इससे कम पर समझौता नहीं
Mon, 05 Oct 2026 12:54 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Mon, 05 Oct 2026 12:54 PM IST
सार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनावी व्यवस्था को लेकर तीन ऐसी मांगें रखीं, जिन पर पार्टी कोई समझौता नहीं करेगी। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर प्रक्रिया रद्द करना और बैलेट पेपर से चुनाव कराना शामिल है।
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मल्लिकार्जुन खरगे, अध्यक्ष, कांग्रेस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को चुनावी ढांचे को लेकर पार्टी की ओर से तीन मुख्य मांगें रखी। उन्होंने कहा कि यह मांग ऐसी हैं जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता है।
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- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा।
- स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) को रद्द करना।
- बैलेट पेपर से चुनाव कराना।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'पार्टी कार्यकर्ता और 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर इन मांगों के समर्थन में देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
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खरगे ने क्या कहा?
खरगे ने लिखा, 'कांग्रेस पार्टी की तीन मांगें ऐसी हैं जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता। पहली, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, दूसरी, एसआईआर को रद्द करना, तीसरी, बैलेट पेपर से चुनाव कराना। इन तीन मुद्दों को लेकर देश भर में कांग्रेस कार्यकर्ता और 'इंडिया' गठबंधन के सहयोगी सड़कों पर हैं। देश भर में अलग-अलग जगहों पर जो भी नागरिक समाज के सदस्य और युवा संगठन इन मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं, हम उनके साथ खड़े हैं।'
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महिला पत्रकारों के साथ हुई घटना पर क्या कहा?
खरगे ने राजधानी में महिला पत्रकारों के साथ हुई कथित घटना पर भी चिंता जताई और कहा, 'दूसरी ओर, भाजपा ने दिल्ली में महिला पत्रकारों को परेशान किया है, जो बहुत निंदनीय है। तानाशाह बहुत घबराया हुआ है। ध्यान भटकाने वाली चालों के एक और अध्याय के लिए तैयार हो जाइए।'
कांग्रेस अध्यक्ष की ये बातें 3 अक्तूबर को राजधानी में 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (आइसा) और अन्य समूहों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एसआईआर प्रक्रिया को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में आई हैं। जंतर-मंतर के पास हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल व प्रशांत भूषण समेत कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) नेहा यादव के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने की चेतावनी दी गई थी क्योंकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी, और बात न मानने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लिए जाने के बाद, खुद को पत्रकार बताने वाली तीन महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई कि प्रदर्शन स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी और यौन उत्पीड़न किया।