टूलकिट विवाद: ‘प्रोपेगेंडा मशीन’ पर लगाम लगाने की रणनीति बना रही कांग्रेस, भाजपा बचाव की मुद्रा में
कांग्रेस का आरोप है कि किसी भी मुद्दे पर विवाद खड़ा कर जनता के पास सच नहीं पहुंचने दिया जाता। अगर झूठे मुद्दों को उठाने पर कठोर कार्रवाई हो तो इससे जनता के सामने सच पहुंचेगा। यह देश और जनता के हित में होगा।
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टूलकिट विवाद में एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) ने रायपुर के सिविल लाइन थाने में भाजपा नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कांग्रेस पार्टी के झूठे लेटर हेड का इस्तेमाल करने और उस पर झूठी सामग्री डालकर पार्टी की छवि बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है। यह मामला आईपीसी की धारा 504, 505 (1) BC, 469 और 188 के अंतर्गत दर्ज किया गया है। रायपुर पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह से पूछताछ करने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया है।
सामान्य तौर पर राजनीतिक दलों के बीच इस तरह की मुकदमेबाजी होती ही रहती है। लेकिन कुछ समय बाद ये मुद्दे ठंडे पड़ जाते हैं और कभी इन मुकदमों को वापस ले लिया जाता है तो कभी आपसी समझौते के जरिए एक बीच की राह तलाश ली जाती है और सब कुछ पहले जैसे सामान्य हो जाता है। लेकिन कांग्रेस इस बार इस मुकदमे के जरिए एक बड़ी नजीर पेश करना चाहती है। वह इसे झूठे मुद्दों को उठाकर मुख्य मुद्दों से लोगों को ‘गुमराह’ कर देने की 'चाल' को हमेशा के लिए खत्म करने का हथियार बनाना चाहती है।
‘टूलकिट से कब तक बचेगी केंद्र सरकार’
कांग्रेसी थिंक टैंक के प्रमख राजीव गौड़ा कहते हैं कि यह देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की केंद्र सरकार को अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बार-बार झूठे टूलकिट्स का सहारा लेना पड़ रहा है। किसी सरकार के लिए इससे ज्यादा शर्मिंदगी की बात और कुछ नहीं हो सकती कि उसे अपने राजनीतिक विरोधियों से निपटने के लिए इस तरह के किट्स का सहारा लेना पड़े। सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार शुरुआत से ही एक-एक कर हर मुद्दे पर फेल हो रही है, और वह अपनी इस असफलता को वह केवल टूलकिट के सहारे ढकने की कोशिश कर रही है। लेकिन उसकी यह कोशिश नाकाम हो चुकी है। गौड़ा ने कहा कि जब केंद्र सरकार किसानों के मुद्दे पर बुरी तरह असफल हुई तो वह एक टूलकिट लेकर आ गई थी। इसी प्रकार जब कोरोना से निपटने के मामले में वह अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बेनकाब हो चुकी है, वह अपनी साख बचाने के लिए एक नए फर्जी टूलकिट का सहारा ले रही है। लेकिन इस बार ट्विटर ने ही सरकार की पोल खोल दी।
'हमारे काम को ही हमारी साजिश बता दिया'
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा ने जिस टूलकिट को साझा किया है, उसे असली जैसा दिखाने की कोशिश में पार्टी के उन्हीं मुद्दों को शामिल कर लिया जिसे हमने अप्रैल महीने से ही उठाते आ रहे थे। जैसे सेंट्रल विस्टा पर सवाल उठाना पार्टी की सोची समझी रणनीति थी। कोई भी देश इस आपदा के समय अपने पैसे के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति बनाता है। लेकिन भाजपा ने इसे हमारे नाम पर टूलकिट का हिस्सा बता दिया। हमने वही काम किया था जिसे भाजपा ने टूलकिट का हिस्सा दिखाकर किट को सच का जामा पहनाने की कोशिश कर दी। लेकिन कांग्रेस का सवाल तो आज भी वही है कि क्या सरकार को ऐसे समय में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में हजारों करोड़ रूपये का निवेश करना चाहिए? उन्होंने कहा कि सरकार टूलकिट की आड़ में अब और नहीं छिप सकती।
गौड़ा कहते हैं कि यह केवल एक फर्जी टूलकिट की बात नहीं है। यह पूरी दुनिया के सामने देश की छवि खराब करने की भी बात है। यह जनता को उसके मूल अधिकारों से वंचित करने की भी बात है। यह जनता के उन अधिकारों की बात भी है जिसके लिए वह किसी सरकार को चुनती है। जनता को सच जानने का हक सबसे अधिक अपनी सरकार से ही होता है, अगर देश की सरकार ही लोगों को गुमराह करने लगेगी तो उसे सच कौन बताएगा? उन्होंने कहा कि विवाद केवल एफआईआर तक सीमित नहीं रहने वाली। हम इसे एक मुकाम तक पहुंचाना चाहते हैं और देश की राजनीति से इस तरह के किट्स का खात्मा करना चाहते हैं।
एक पार्टी का झूठ की मशीन बन जाना
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ कहते हैं कि दुनिया की सरकारें इस आपदा के समय अपने लोगों की सेवा में जी-जान से जुटी हैं। वे उनकी रोजी-रोटी से लेकर उनके स्वास्थ्य की चिंता कर रही हैं। वहीं केंद्र सरकार उन्हें कोरोना पर सच बताने की बजाय राजनीति कर रही है और जनता को ‘झूठ का किट’ परोस रही है। किसी देश की केंद्र सरकार का इस तरह एक किट विवाद में शामिल होना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि अब इसे टूलकिट विवाद नहीं कहना चाहिए, अब भाजपा इसमें बेनकाब हो गई है और अब इसे अपराध कहा जाना चाहिए। अब इसका परिणाम ऐसी साजिश रचने वालों को सजा मिलने के साथ होना चाहिए।
आर्थिक विशेषज्ञ गौरव वल्लभ ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने भी एक विधानसभा भवन और कुछ अन्य इमारतें बनवाने का प्रोजेक्ट शुरू किया था, लेकिन जैसे ही देश के सामने एक आपातकाल की परिस्थिति आई, सरकार ने उस प्रोजेक्ट को रोक दिया। केंद्र सरकार को भी इसी तरह सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को कुछ दिनों के लिए रोक देना चाहिए था। यह देश की जनता के हित में कांग्रेस का दिया गया सुझाव था, इसे किसी किट का हिस्सा बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘जनता को टूलकिट नहीं, मेडिकल किट चाहिए’
एनएसयूआई के अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि उनके छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने यह एफआईआर दर्ज कराई है। यह शिकायत इसलिए दर्ज कराई गई है क्योंकि जिस समय देश की जनता को मेडिकल किट की जरूरत है, जिस समय उसे राशन किट दिया जाना चाहिए था, उस समय भाजपा उन्हें टूलकिट का प्रोपेगेंडा देकर मुख्य मुद्दों से गुमराह करना चाहती है। हम इस तरह की झूठी राजनीति का अंत चाहते हैं। उन्होंने कहा कि, यही कारण है कि हम इस मुद्दे को अंत तक ले जाएंगे। उनकी कोशिश होगी कि जिन लोगों ने भी झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की है, उन्हें कोर्ट से सजा दिलाई जा सके जो एक नजीर बन सके और आगे इस तरह की हरकत करने से लोग बचें। उन्होंने कहा कि यह देश की जनता के हित में होगा कि उनके सामने केवल सच्चे मुद्दों की राजनीति की जाए।
बीजेपी ने किया बचाव
हालांकि भाजपा अभी भी अपने स्टैंड पर कायम है। भाजपा नेता प्रेम शुक्ला कहते हैं कि कांग्रेस हमेशा अपने राजनीतिक विरोधियों को ठिकाने लगाने के लिए इसी तरह की साजिश रचती रही है। यह सिलसिला मोरारजी देसाई, बाबू जगजीवन राम, वीपी सिंह से लेकर अब तक चला आ रहा है। कांग्रेस का टूलकिट उसी साजिश की सोच का नया वर्जन है जिसमें देश की केंद्र सरकार को बदनाम करने की चाल चली गई थी। लेकिन बदले समय में कांग्रेस की रणनीति बेनकाब हो चुकी है और यही कारण है कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस की हर साजिश का जवाब देगी।