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कर्नाटक: टीपू जयंती समारोह के दौरान कांग्रेस नेताओं ने लहराई तलवारें, जानें कहां का है मामला
Thu, 10 Nov 2022 10:42 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 10 Nov 2022 10:42 PM IST
सार
मैसूर पर टीपू सुल्तान का 17 वर्षों (1782-1799) तक राज रहा था। टीपू सुल्तान को मैसूर के टाईगर के रूप में जाना जाता है। टीपू सुल्तान को लेकर कई सालों से भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य दलों में विवाद रहा है। साल 2015 में भाजपा ने टीपू सुल्तान की जयंती मनाने की खिलाफत की थी।
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कांग्रेस नेता ने लहराई तलवारें
- फोटो : ANI
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विस्तार
टीपू सुल्तान की जयंती को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद लंबे समय से चल रहा है। इस बीच, गुरुवार को बेंगलुरु में टीपू जयंती समारोह के दौरान कई स्थानीय कांग्रेस नेताओं को तलवार लहराते देखा गया। आरोप है कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को कंटक की राजधानी के गुड्डाधल्ली में टीपू जयंती समारोह के दौरान तलवारें लहराईं। गौरतलब है कि राज्य नें धार्मिक या सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हथियारों का प्रदर्शन या प्रयोग करने पर प्रतिबंध है। इसमें सार्वजनिक मंच पर तलवार लहराना भी शामिल है।
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जानकारी के मुताबिक, इस कार्यक्रम में चामराजपेट से कांग्रेस विधायक बीजेड ज़मीर अहमद खान ने तलवार लेकर मीडियाकर्मियों से वार्ता की। हालांकि इस घटना को लेकर अब तक भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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गौरतलब है कि मैसूर पर टीपू सुल्तान का 17 वर्षों (1782-1799) तक राज रहा था। टीपू सुल्तान को मैसूर के टाईगर के रूप में जाना जाता है। टीपू सुल्तान को लेकर कई सालों से भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य दलों में विवाद रहा है। साल 2015 में भाजपा ने टीपू सुल्तान की जयंती मनाने की खिलाफत की थी।
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भाजपा ने दावा किया था कि टीपू सुल्तान एक महान शासक नहीं था बल्कि उसने देश के बहुसंख्यक हिंदुओं पर बहुत जुल्म किए थे और उनका मतांतरण कराया था। जिसके बाद कांग्रेस ने भाजपा का विरोध किया था। बाद में साल 2017 में कांग्रेस शासन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 10 नवंबर को टीपू जयंती मनाने की घोषणा की थी। हालांकि भाजपा ने इसकी निंदा की थी। साल 2018 में उत्तर कन्नड़ सांसद और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अनंतकुमार हेगड़े ने टीपू सुल्तान की जयंती मनाने के राज्य सरकार के फैसले की निंदा की।