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चौकीदार साहब, आपकी आंख के नीचे मेहुल भाई ने जनधन को लूटा: शक्ति सिंह गोहिल
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Fri, 23 Feb 2018 09:30 PM IST
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पीएनबी बैंक घोटाला के आरोपी मेहुल चोकसी
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कांग्रेस का पूरा ध्यान हीरा कारोबारी और पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य के साथ धोखाधड़ी करने वाले नीरव मोदी पर है। इसी क्रम में शुक्रवार को कांग्रेस के प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सीधा हमला बोला है। गोहिल ने कहा कि जनधन योजना लाकर गीतांजलि ज्वेलर्स के प्रमोटर मेहुल भाई चोकसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (चौकीदार) की नाक के नीचे लूटा है। उन्होंने बड़ी चिटफंड योजना चलाई और जनधन योजना लाकर देश की जनता को लूट लिया।
कैसे लूटा?
कांग्रेस के मुताबिक गीतांजलि ज्वेलर्स शगुन, स्वर्ण मंगल लाभ, स्वर्ण मंगल कलश योजना लेकर आया। इसके तहत कंपनी ने 12, 24 और 36 महीने की किश्त योजना लेकर आई। लोगों को कुछ राशि का किश्त जमा करने और 12 वीं किश्त कंपनी द्वारा भरने का लालच दिया। इसके बाद उपभोक्ता के गहने आदि खरीदने पर उसे छूट के साथ गहने तथा बोनस देने का प्रस्ताव दिया। हीरे लेने पर और छूट दी। लोगों ने पैसे जमा किए।
नोटरी शपथ पत्र के साथ इस योजना का हिस्सा बने, उन्हें अपना अकाऊंट देखने के लिए स्वैपिंग कार्ड भी दिया गया। लेकिन 2014 के बाद किसी को न तो गहने दिए गए और न ही उनके पैसे लौटाए गए। जबकि भावनगर समेत अन्य स्थानों के लोगों ने इसकी 2015 से ही पुलिस से शिकायत भी की, धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करने का पुलिस से आग्रह किया लेकिन मेहुल भाई चोकसी जन का धन लूटकर देश के बाहर भाग गए।
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कहां की शिकायत
गोहिल का कहना है कि भावनगर के लोगों ने इसकी शिकायत 7 सितंबर 2015 से ही पुलिस थाना से लेकर डिप्टी एसपी, एसपी, डीआईजी, आईजी, डीजीपी सबसे लिखित में की है। यहां तक कि मेहुल भाई के विदेश भागने के दो दिन पहले भाव नगर के पुलिस इंसपेक्टर ने अपने वरिष्ठ अधिकारी को पत्र लिखकर इसका जिक्र किया है। उसने पत्र में कहा है कि वह इस मामले की प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रहा है।
बल्कि इसे आग्रसारित कर रहा है और वह इसे अपराध शाखा के पास जांच के लिए भेज दें। गोहिल के अनुसार इस तरह से मेहुल भाई चोकसी और उनकी गीतांजलि फर्म लूटती रही और गुजरात सरकार, केन्द्र सरकार, पुलिस तथा जांच एजेंसियां कान में तेल डालकर सोती रही।
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कैसे लूटा?
कांग्रेस के मुताबिक गीतांजलि ज्वेलर्स शगुन, स्वर्ण मंगल लाभ, स्वर्ण मंगल कलश योजना लेकर आया। इसके तहत कंपनी ने 12, 24 और 36 महीने की किश्त योजना लेकर आई। लोगों को कुछ राशि का किश्त जमा करने और 12 वीं किश्त कंपनी द्वारा भरने का लालच दिया। इसके बाद उपभोक्ता के गहने आदि खरीदने पर उसे छूट के साथ गहने तथा बोनस देने का प्रस्ताव दिया। हीरे लेने पर और छूट दी। लोगों ने पैसे जमा किए।
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नोटरी शपथ पत्र के साथ इस योजना का हिस्सा बने, उन्हें अपना अकाऊंट देखने के लिए स्वैपिंग कार्ड भी दिया गया। लेकिन 2014 के बाद किसी को न तो गहने दिए गए और न ही उनके पैसे लौटाए गए। जबकि भावनगर समेत अन्य स्थानों के लोगों ने इसकी 2015 से ही पुलिस से शिकायत भी की, धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करने का पुलिस से आग्रह किया लेकिन मेहुल भाई चोकसी जन का धन लूटकर देश के बाहर भाग गए।
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कहां की शिकायत
गोहिल का कहना है कि भावनगर के लोगों ने इसकी शिकायत 7 सितंबर 2015 से ही पुलिस थाना से लेकर डिप्टी एसपी, एसपी, डीआईजी, आईजी, डीजीपी सबसे लिखित में की है। यहां तक कि मेहुल भाई के विदेश भागने के दो दिन पहले भाव नगर के पुलिस इंसपेक्टर ने अपने वरिष्ठ अधिकारी को पत्र लिखकर इसका जिक्र किया है। उसने पत्र में कहा है कि वह इस मामले की प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रहा है।
बल्कि इसे आग्रसारित कर रहा है और वह इसे अपराध शाखा के पास जांच के लिए भेज दें। गोहिल के अनुसार इस तरह से मेहुल भाई चोकसी और उनकी गीतांजलि फर्म लूटती रही और गुजरात सरकार, केन्द्र सरकार, पुलिस तथा जांच एजेंसियां कान में तेल डालकर सोती रही।
शक्ति सिंह गोहिल
वाइब्रैंट गुजरात बनाम वाइब्रैंट उ.प्र.
शक्ति सिंह गोहिल ने वाइब्रैंट गुजरात के आयोजन पर तंज कसते हुए कहा कि अब केन्द्र सरकार वाइब्रैंट उ.प्र. को नया फ्रॉड मंच बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि जिनकी जेब में कौड़ी नहीं है, वह भी अब उ.प्र. में भारी भरकम राशि निवेश करेंगे? 2015 में वाइब्रैंट गुजरात के कार्यक्रम में बाकायदा मेहुल भाई चोकसी की कंपनी को पोटेंशियल बताया गया है। इसे भारतीय हीरा संस्थान (भारत सरकार का उपक्रम) के साथ जोड़ा गया है।
वाइब्रैंट गुजरात के दस्तावेज में यह शामिल है और कहा गया है कि लोगों को निवेश करना है तो मेहुल भाई की कंपनी के साथ करें। गुजरात के नेता का कहना है कि वाइब्रैंट गुजरात प्रधानमंत्री जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब शुरू हुआ था। वह 2014 में प्रधानमंत्री बने तो इसके बाद इसे और रफ्तार देने की कोशिश की।
सरकार को पता था
शक्ति सिंह गोहिल का कहना है कि पूरा घपला घोटाला सरकार की नाक के नीचे हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह चौकीदार (प्रधानमंत्री) के संरक्षण में हुआ है। मेहुल भाई से प्रधानमंत्री की नजदीकी के चलते मेहुल और उनकी कंपनी के खिलाफ लोग और बैंक लुटते रहे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गोहिल ने कहा कि प्रधानमंत्री न केवल मेहुल भाई का सार्वजनिक मंच से नाम लेते रहे बल्कि उनकी कंपनी के हर आयोजन में भाजपा के बड़े नेता शरीक होते रहे हैं।
उन्होंने कुछ फोटो को साझा करते हुए कहा कि इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री की बेटी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की पत्नी, भाजपा की प्रवक्ता साइना एनसी साफ दिखाई दे रही है। गोहिल ने आरोप लगाया कि सरकार सब जानती थी। उसके पास लोगों ने शिकायत की थी, लेकिन भारत में रहने तक धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हमारे समय तक सब ठीक था
गोहिल ने कहा कि 2014 में जब तक केन्द्र में यूपीए सरकार थी, तब तक ठीक चल रहा था। गीतांजलि ज्वेलर्स लोगों से योजनाओं में पैसे ले रही थी और उसका लाभ दे रही थी। बोनस भी दे रही थी। लेकिन जैसे ही गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री बने कंपनी ने लोगों के पैसे हड़पने शुरू कर दिए। गोहिल ने कहा कि कांग्रेस किसी स्कीम के खिलाफ नहीं है। योजना शुरू करो तो पूरी भी करो। धोखाधड़ी मत करो।
शक्ति सिंह गोहिल ने वाइब्रैंट गुजरात के आयोजन पर तंज कसते हुए कहा कि अब केन्द्र सरकार वाइब्रैंट उ.प्र. को नया फ्रॉड मंच बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि जिनकी जेब में कौड़ी नहीं है, वह भी अब उ.प्र. में भारी भरकम राशि निवेश करेंगे? 2015 में वाइब्रैंट गुजरात के कार्यक्रम में बाकायदा मेहुल भाई चोकसी की कंपनी को पोटेंशियल बताया गया है। इसे भारतीय हीरा संस्थान (भारत सरकार का उपक्रम) के साथ जोड़ा गया है।
वाइब्रैंट गुजरात के दस्तावेज में यह शामिल है और कहा गया है कि लोगों को निवेश करना है तो मेहुल भाई की कंपनी के साथ करें। गुजरात के नेता का कहना है कि वाइब्रैंट गुजरात प्रधानमंत्री जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब शुरू हुआ था। वह 2014 में प्रधानमंत्री बने तो इसके बाद इसे और रफ्तार देने की कोशिश की।
सरकार को पता था
शक्ति सिंह गोहिल का कहना है कि पूरा घपला घोटाला सरकार की नाक के नीचे हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह चौकीदार (प्रधानमंत्री) के संरक्षण में हुआ है। मेहुल भाई से प्रधानमंत्री की नजदीकी के चलते मेहुल और उनकी कंपनी के खिलाफ लोग और बैंक लुटते रहे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गोहिल ने कहा कि प्रधानमंत्री न केवल मेहुल भाई का सार्वजनिक मंच से नाम लेते रहे बल्कि उनकी कंपनी के हर आयोजन में भाजपा के बड़े नेता शरीक होते रहे हैं।
उन्होंने कुछ फोटो को साझा करते हुए कहा कि इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री की बेटी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की पत्नी, भाजपा की प्रवक्ता साइना एनसी साफ दिखाई दे रही है। गोहिल ने आरोप लगाया कि सरकार सब जानती थी। उसके पास लोगों ने शिकायत की थी, लेकिन भारत में रहने तक धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हमारे समय तक सब ठीक था
गोहिल ने कहा कि 2014 में जब तक केन्द्र में यूपीए सरकार थी, तब तक ठीक चल रहा था। गीतांजलि ज्वेलर्स लोगों से योजनाओं में पैसे ले रही थी और उसका लाभ दे रही थी। बोनस भी दे रही थी। लेकिन जैसे ही गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री बने कंपनी ने लोगों के पैसे हड़पने शुरू कर दिए। गोहिल ने कहा कि कांग्रेस किसी स्कीम के खिलाफ नहीं है। योजना शुरू करो तो पूरी भी करो। धोखाधड़ी मत करो।