कब्रिस्तान की बाउंड्री गिराने से सांप्रदायिक तनाव, गांव में पीएसी तैनात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव उदयपुर में एक संप्रदाय के लोगों ने कब्रिस्तान की निर्माणाधीन बाउंड्री गिरा दी। इस घटना से गांव में तनाव व्याप्त हो गया। पुलिस ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी तैनात कर दी है। एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद बुधवार को दोनों समुदाय की बैठक में समस्या का हल करा दिया गया। विवाद के सुलझाने के बाद कब्रिस्तान की बाउंड्री का निर्माण शुरू करा दिया गया है।
इस गांव की प्रधान ताहिरा खातून , बाबू, डा. उस्मान, रहमत आदि ने बताया कि उनके गांव में सरकार की ओर से कब्रिस्तान की जमीन पर बाउंड्री हो रही है। इसका निर्माण कराने से पहले राजस्व विभाग की टीम ने गांव में आकर कब्रिस्तान की जमीन को हदबंदी कर दी थी। अभी हाल में बाउंड्री का निर्माण का काम शुरू हुआ है।
मंगलवार को कब्रिस्तान में मिट्टी का भराव चल रहा था। आरोप है कि इस बीच गांव के दूसरे समुदाय के लोगों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण का विरोध करना शुरू कर दिया। समझाने के बावजूद उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ।
आरोप है कि इन लोगों ने निर्माणाधीन दीवार को गिरा दिया, जिससे गांव में विवाद की स्थिति पैदा हो गई। बड़ी मुश्किल से उन लोगों ने आपस में समझदारी का परिचय देते हुए विवाद को टाला और मामले से पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने गांव में विरोध करने वालों को डांट फटकार कर शांत किया।
आरोपों को बताया निराधार
उधर, अतर सिंह, अमर सिंह, दिनेश कुमार, सुमंत सिंह ने लगे आरोपों को निराधार बताया। वह केवल गांव के पानी की निकासी के संबंध में वार्ता कर रहे थे। क्योंकि गांव का पानी उसी ओर से जंगलों में जाता है। इसी बात से गैर समुदाय के लोगों में उबाल आ गया और उन्हें नीचा दिखाने के मकसद से स्वयं ही बाउंड्री चाहरदीवारी को गिरा दिया।
उनमें से ही एक युवक दीवार को गिरा बता वीडियो क्लीपिंग बनाने लगा, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई थी। इस प्रकरण की जानकारी एसडीएम और सीओ को दी गई। एसडीएम राजस्व विभाग की टीम के साथ गांव में पहुंचे और दोनों समुदायों के लोगों को बैठाकर सांप्रदायिक सौहर्द के बीच वार्ता की। उनकी समस्या का हल करा दिया। शांति व्यवस्था के लिए गांव में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई है।
पुलिस कार्रवाई की कोई जरूरत नहीं: एसओ
एसओ प्रेमचंद शर्मा का कहना है कि गांव में पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम है। इसलिए पुलिस की ओर से गांव में किसी समुदाय के लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई तक नहीं की गई है। पुलिस स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।