फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Communal polarization and development both cards BJP playing together in West Bengal

भाजपा को पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और पूर्वोत्तर के राज्यों के रास्ते जीत निकलती दिख रही

Fri, 08 Feb 2019 08:46 PM IST
अमित मंडल अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित मंडल Updated Fri, 08 Feb 2019 08:46 PM IST
विज्ञापन
Communal polarization and development both cards BJP playing together in West Bengal
बीजेपी

भाजपा को 2019 में अपनी जीत की राह पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और पूर्वोत्तर के राज्यों के रास्ते निकलती दिख रही है। यही कारण है कि वह इन राज्यों में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी इन इलाकों के हर उस मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रही है जो यहां के लोगों के दिल के करीब हैं। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी पहुंचे। अपनी चिरपरिचित शैली में उन्होंने एक बार फिर स्थानीय लोगों से संबंध जोड़ा और कहा कि 'आप चाय उगाने वाले लोग हैं, और हम चाय बेचने वाले लोग हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें चाय वालों से बड़ी दिक्कत है।' 

विज्ञापन


प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल में वहां बनी हाईकोर्ट की बेंच और एयरपोर्ट जैसे मुद्दों से लोगों को जोड़ते हुए कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस बेंच की अनुमति बीस साल पहले दे दी थी, लेकिन इतने सालों के बीच वामदल और टीएमसी सरकार को यहां के लोगों की याद नहीं आई। उन्होंने बंगाल के खूनी राजनैतिक इतिहास को पीछे छोड़ने और राजनीतिक तरीके से लोगों की समस्याओं का हल निकालने की बात कही।

विज्ञापन


सांप्रदायिक विभाजन के साथ विकास भी साथ-साथ


पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां हिंदुत्व की छवि पेश करने की कोशिश कर रहे हैं तो शिवराज सिंह चौहान और अन्य नेता क्षेत्र के विकास को मुद्दा बनाए हुए हैं। उनके अलावा खुद प्रधानमंत्री लगातार अनेक निर्माण योजनाओं का शिलान्यास करने पूर्वोत्तर जा रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र में भाजपा के लिए एक सकारात्मक माहौल बना है और यह माहौल क्षेत्र में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के लिए वोटों में तब्दील हो सकता है।   

विज्ञापन
विज्ञापन


असम से भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चे के कार्यकर्ता रंजन महंता ने कहा कि पूरे पूर्वोत्तर में एक संदेश गया है कि नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर को राष्ट्र की मुख्यधारा में लाकर खड़ा कर दिया था। अभी तक यहां सरकारें बनती-बिगड़ती रहती थीं। लेकिन पूर्वोत्तर के मन में कहीं न कहीं बाकी देश से अलग-थलग पड़ने का भाव छिपा रहता था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की कार्यप्रणाली ने पहली बार पूर्वोत्तर का विश्वास जीता है और उन्हें इसका परिणाम जीत के रुप में अवश्य मिलेगा। 


इन सीटों पर दांव

प्रधानमंत्री मोदी की पूर्वोत्तर राज्यों में यात्राओं का कामकाज देख रहे गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों में लगभग 25 सीटें हैं। असम की 14 सीटों के अलावा, मणिपुर और मेघालय की दो-दो, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम की एक-एक सीटें हमारी मजबूत पकड़ में हैं। उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में पश्चिम बंगाल (42) और उड़ीसा (21) का परिणाम विपक्षी दलों को चकित कर सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस चुनाव में वे आसानी से जीत हासिल कर लेंगे।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed