फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Communal harmony : Khudabaksh changed 80-year-old tradition

सांप्रदायिक सौहार्द : मां दुर्गा के लिए खुदाबख्श ने बदली 80 साल पुरानी परंपरा

Tue, 11 Oct 2016 04:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झांसी
ब्यूरो/अमर उजाला, झांसी Updated Tue, 11 Oct 2016 04:31 AM IST
विज्ञापन
Communal harmony : Khudabaksh changed 80-year-old tradition
- फोटो : Amar Ujala

वीरांगना की नगरी झांसी में एक बार फिर सांप्रदायिक सौहार्द की नजीर सामने आई है। यहां ताजियेदार खुदाबख्श ने अस्सी साल पुरानी परंपरा को बदलते हुए अपने ताजिये का स्थान बदल दिया है। इस बार उसने ताजिये को सड़क पर न सजाकर दुकान के भीतर सजाया है, ताकि दुर्गा मूर्ति विसर्जन शोभायात्रा सुगमता से निकल सकें। 

विज्ञापन


झांसी में सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा पुरानी है। मोहर्रम के जुलूस में रानी का ताजिया सबसे आगे चलता है। यह परंपरा रानी के समय से अनवरत रूप से चली आ रही है। इस बार मोहर्रम पर शहर के खुदाबख्श ने सौहार्द इस परंपरा को आगे बढ़ाया है। मोहर्रम पर पिछले 80 सालों से गंधीगर टपरा पर ताजिया सजाया जाता है, जो स्व. करीम बख्श के ताजिये के नाम से शहर में मशहूर है। 
विज्ञापन


करीम बख्श के निधन के बाद से ताजिया सजाने की जिम्मेदारी का निर्वहन उनके पुत्र खुदाबख्श करते आ रहे हैं। उनका ताजिया बारह फुट ऊंचा और सात फुट चौड़ा होता है, जो उनके पिता के समय से ही सड़क पर सजाया जाता है, लेकिन इस बार मोहर्रम के दरम्यान ही दुर्गा मूर्ति विसर्जन होना है। शहर की ज्यादातर मूर्तियां गंधीगर टपरे से होते हुए लक्ष्मीताल पर विसर्जन के लिए ले जाई जाती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इस बार नवरात्रि व मोहर्रम एक साथ हैं

Communal harmony : Khudabaksh changed 80-year-old tradition

दुर्गा मूर्ति विसर्जन शोभायात्राओं को निकलने में किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए खुदाबख्श ने खुद आगे बढ़कर अपनी आठ दशक पुरानी परंपरा को बदल दिया है। उन्होंने इस बार अपने ताजिये को सड़क पर न सजाकर पास की ही एक दुकान के भीतर सजाया है। इसके लिए उन्होंने इसका आकार भी छोटा कर दिया है।  

खुदाबक्श ने बताया कि यह ताजिया मोहर्रम की छह तारीख से सजाया जाता है। इस बार नवरात्रि व मोहर्रम एक साथ हैं और 11 अक्तूबर को दशहरे पर देवी मूर्तियों की शोभायात्रा यहां से निकलेंगी। देवी की शोभायात्राओं को निकलने में परेशानी न हो, इसके लिए ताजिये का स्थान बदल दिया है। देवी प्रतिमाओं के निकलने के बाद ताजिया फिर पुराने स्थान पर सजा दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed