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कोयला घोटला: उच्च ओहदों पर बैठे लोग योजनाबद्ध तरीके से करते हैं अपराध

Sun, 17 Dec 2017 03:24 AM IST
एजेंसी / नई दिल्ली
एजेंसी / नई दिल्ली Updated Sun, 17 Dec 2017 03:24 AM IST
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Coal scam: People sitting on high positions do planned crime
सुप्रीम कोर्ट
कोयला घोटाले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा समाज के शीर्ष पदों पर बैठे लोग जब अपराध करते हैं तो वह व्हाइट कॉलर क्राइम कहलाया जाता है। ऐसे अपराध सबको अपनी तरफ आकर्षित भी करते हैं। व्हाइट कॉलर अपराध सामान्य अपराध की तुलना में अधिक घातक है क्योंकि इससे आर्थिक हानि अधिक यानि करोड़ों में होती है। इससे जनता का मनोबल टूटता है। यह भी सच है कि व्हाइट कॉलर क्राइम अपराध को पकड़ना बहुत कठिन है क्योंकि यह समाज के उच्च ओहदों पर बैठे समझदार, प्रशिक्षित लोगों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया जाता है।
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विशेष सीबीआई जज भरत पराशर ने कहा कि हम सामान्य अपराध के कारण के तौर पर गरीबी, बुनियादी सुविधाओं की कमी, मनोरंजन की कमी, छोटी सोच व भावनात्मक अस्थिरता को गिनते हैं। लेकिन व्हाइट कॉलर क्राइम में जिनमें कारोबारी, पेशेवर, राजनेता, अधिकारी आदि उच्च पदस्थ लोग शामिल होते हैं वह अपने कारोबार, निजी स्वतंत्रता व खुली प्रतिस्पर्धा की आड़ में लालच व लालसा के कारण ज्यादा से ज्यादा भौतिक संसाधनों को जोड़ने के चलते अपराध करते हैं।
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पढ़ें- कोयला घोटाला: CBI कोर्ट में कोड़ा ने मांगी रहम की भीख, 16 को सजा का ऐलान
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ये था मामला

Coal scam: People sitting on high positions do planned crime
प्रतीकात्मक तस्वीर
सीबीआई का कहना था कि कोलकाता की विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड ने आठ जनवरी 2007 को झारखंड के कोल ब्लॉक आवंटन के लिये आवेदन किया था। हालांकि राज्य सरकार व केंद्रीय इस्पात मंत्रालय ने कंपनी को ब्लॉक आवंटन की सिफारिश नहीं की थी, लेकिन 36 वीं स्क्रीनिंग ने आवंटन की सिफारिश की थी। एजेंसी का आरोप है कि तत्कालीन कोयला सचिव एचसी गुप्ता ने तत्कालीन प्रधानमंत्री व कोयला मंत्री मनमोहन सिंह ने यह तथ्य छिपाया था कि राज्य सरकार ने कंपनी को आवंटन की सिफारिश नहीं की थी।

कोड़ा ने कहा हाईकोर्ट में करेंगे अपील

सजा सुनाई जाने के बाद कोड़ा ने कहा कि वह दुखी हैं कि वह अपने सभी प्रयासों के बावजूद अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाएं। उन्होंने कहा वे फैसले का अध्ययन करने व वकीलों से परामर्श करने के बाद हाईकोर्ट में अपील करेंगे। कोड़ा ने कहा कि उनके बैंक खाते सीज हैं। ऐसे में वे 25 लाख का जुर्माना कैसे अदा करेंगे और जुर्माने के लिए राशि उधार लेनी पड़ेगी।

44 माह जेल में रहे मुंडा

इससे पहले भी मुंडा चार हजार करोड़ से अधिक के भ्रष्टाचार मामले में कोड़ा 44 महीने सजा काट चुके हैं। 30 नवंबर, 2009 से रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद थे। इसके बाद 18 अप्रैल, 2013 को उन्हें जमानत मिली। वहीं अदालत के इस फैसले के बाद 2013 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक कोड़ा पर अब चुनाव लड़ने से भी रोक लग जाएगी। 
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