{"_id":"6835abeb27a59450000e4501","slug":"cm-mamata-banerjee-s-on-wbssc-controversy-new-teacher-recruitment-will-be-announce-shortly-2025-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: WBSSC विवाद पर सीएम ममता बनर्जी का एलान, कहा- 31 मई तक जारी होगी नई शिक्षक भर्ती की अधिसूचना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: WBSSC विवाद पर सीएम ममता बनर्जी का एलान, कहा- 31 मई तक जारी होगी नई शिक्षक भर्ती की अधिसूचना
Tue, 27 May 2025 05:41 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 27 May 2025 05:41 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने 2016 की स्कूल सर्विस कमिशन (एसएससी) परीक्षा के जरिए हुई 25,753 नियुक्तियों को दागी और भ्रष्ट करार दिया था। इसे लेकर लगातार शिक्षक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को शिक्षकों के प्रदर्शन को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने बड़ा एलान किया।
विज्ञापन
ममता बनर्जी
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) शिक्षक भर्ती विवाद के बीच सीएम ममता बनर्जी ने बड़ा एलान किया है। सीएम ने कहा कि नई शिक्षक भर्ती की अधिसूचना 31 मई तक जारी की जाएगी। इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नौकरी गंवाने वालों को आयु सीमा में छूट मिलेगी। नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों को नई भर्ती प्रक्रिया में अनुभव का लाभ मिलेगा। वहीं शिक्षकों की नौकरियों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। साथ ही नई भर्ती प्रक्रिया भी शुरू करेंगे।
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हमने एसएससी फैसले के मामले में सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर की है। इस समय सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टियां हैं। सीजेआई के पिछले आदेश का पालन किया जाना चाहिए। अगर हम इसका पालन नहीं करते हैं तो यह कोर्ट की अवमानना होगी। अगर समीक्षा याचिका के दौरान सुप्रीम कोर्ट कहता है कि नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों के लिए परीक्षा की जरूरत नहीं है तो हम उसका पालन करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करने के लिए 31 मई की समयसीमा तय कर दी है। हमारे हाथ बंधे हुए हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: टीएमसी सांसदों ने की संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग, पीएम को लिखा पत्र, कहा- ऑपरेशन सिंदूर पर हो चर्चा
उन्होंने कहा कि हम लंबे समय से समीक्षा याचिका पर सुनवाई का इंतजार कर रहे थे। हम नहीं चाहते कि किसी की नौकरी जाए। लेकिन अब चूंकि समीक्षा याचिका लंबित है, इसलिए हम 31 मई तक नई भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर रहे हैं। हम कानून का पालन कर रहे हैं और समीक्षा याचिका के रूप में एक विकल्प खुला रख रहे हैं। हम 30 मई को एक विज्ञापन जारी करेंगे। सरकारी स्कूलों में 24,203 रिक्त पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए जाएंगे। कक्षा 9 और 10 के शिक्षकों के लिए 11,517, ग्रुप सी के लिए 551 और ग्रुप डी के लिए 1000 अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं।
ये भी पढ़ें: मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नेहरू की आलोचना में सक्रिय मास्टर डिस्टोरियन', PM पर कांग्रेस हमलावर
उन्होंने कहा कि नई भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 16 जून से शुरू होंगे। यह 14 जुलाई तक जारी रहेगा और पैनल 15 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा। बनर्जी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य नवंबर के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी करना है। उन्होंने कहा कि यदि हमें समीक्षा याचिका में कोई परिणाम नहीं मिलता है तो इस बीच लिखित परीक्षा, जांच, चुनौती, परिणाम प्रकाशन और साक्षात्कार पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने नौेकरी गंवाने वाले शिक्षकों से कहा कि आपके लिए यह कहना सही नहीं होगा कि आप इसमें हिस्सा नहीं लेंगे, तो आपको नौकरी नहीं मिलेगी। यह हमारा आदेश नहीं है। इसके पीछे कुछ स्वार्थी लोग हैं। सरकार अदालत नहीं गई। परीक्षाओं में बैठिए और खुद को बचाइए। इस अवसर का पूरा उपयोग कीजिए।
यह है मामला
3 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में एसएससी की तरफ से भर्ती अभियान के माध्यम से नियुक्त 25,753 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती को रद्द करने वाले कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2024 के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें पूरी चयन प्रक्रिया को 'दूषित और दागी' करार दिया गया। बेरोजगार हुए लोगों ने दावा किया कि उनकी दुर्दशा का कारण एसएससी की तरफ से धोखाधड़ी के माध्यम से नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों और नहीं पाने वाले उम्मीदवारों के बीच अंतर करने में असमर्थता है।
इसके चलते करीब 26,000 शिक्षक अपनी नौकरियों से हाथ धो बैठे। इसी के विरोध में शिक्षक गुरुवार सुबह बिकाश भवन के बाहर इकट्ठा हुए और प्रदर्शन कर रहे हैं। 15 मई को प्रदर्शन के दौरान पुलिस और शिक्षकों के बीच जमकर झड़प हुई थी। कई शिक्षक घायल हो गए थे, जिनमें से 60-70 को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। बावजूद इसके प्रदर्शनकारी लगातार विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
Kolkata: West Bengal CM Mamata Banerjee says, "We have filed a review petition in Supreme Court in the SSC judgement matte. But there is summer vacation in the Apex Court at the moment. The earlier CJI order has to be followed. If we don’t follow it then it will be contempt of… pic.twitter.com/GEykww1xRA
— ANI (@ANI) May 27, 2025विज्ञापन
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हमने एसएससी फैसले के मामले में सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर की है। इस समय सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टियां हैं। सीजेआई के पिछले आदेश का पालन किया जाना चाहिए। अगर हम इसका पालन नहीं करते हैं तो यह कोर्ट की अवमानना होगी। अगर समीक्षा याचिका के दौरान सुप्रीम कोर्ट कहता है कि नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों के लिए परीक्षा की जरूरत नहीं है तो हम उसका पालन करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करने के लिए 31 मई की समयसीमा तय कर दी है। हमारे हाथ बंधे हुए हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: टीएमसी सांसदों ने की संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग, पीएम को लिखा पत्र, कहा- ऑपरेशन सिंदूर पर हो चर्चा
उन्होंने कहा कि हम लंबे समय से समीक्षा याचिका पर सुनवाई का इंतजार कर रहे थे। हम नहीं चाहते कि किसी की नौकरी जाए। लेकिन अब चूंकि समीक्षा याचिका लंबित है, इसलिए हम 31 मई तक नई भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर रहे हैं। हम कानून का पालन कर रहे हैं और समीक्षा याचिका के रूप में एक विकल्प खुला रख रहे हैं। हम 30 मई को एक विज्ञापन जारी करेंगे। सरकारी स्कूलों में 24,203 रिक्त पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए जाएंगे। कक्षा 9 और 10 के शिक्षकों के लिए 11,517, ग्रुप सी के लिए 551 और ग्रुप डी के लिए 1000 अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं।
ये भी पढ़ें: मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नेहरू की आलोचना में सक्रिय मास्टर डिस्टोरियन', PM पर कांग्रेस हमलावर
उन्होंने कहा कि नई भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 16 जून से शुरू होंगे। यह 14 जुलाई तक जारी रहेगा और पैनल 15 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा। बनर्जी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य नवंबर के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी करना है। उन्होंने कहा कि यदि हमें समीक्षा याचिका में कोई परिणाम नहीं मिलता है तो इस बीच लिखित परीक्षा, जांच, चुनौती, परिणाम प्रकाशन और साक्षात्कार पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने नौेकरी गंवाने वाले शिक्षकों से कहा कि आपके लिए यह कहना सही नहीं होगा कि आप इसमें हिस्सा नहीं लेंगे, तो आपको नौकरी नहीं मिलेगी। यह हमारा आदेश नहीं है। इसके पीछे कुछ स्वार्थी लोग हैं। सरकार अदालत नहीं गई। परीक्षाओं में बैठिए और खुद को बचाइए। इस अवसर का पूरा उपयोग कीजिए।
यह है मामला
3 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में एसएससी की तरफ से भर्ती अभियान के माध्यम से नियुक्त 25,753 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती को रद्द करने वाले कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2024 के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें पूरी चयन प्रक्रिया को 'दूषित और दागी' करार दिया गया। बेरोजगार हुए लोगों ने दावा किया कि उनकी दुर्दशा का कारण एसएससी की तरफ से धोखाधड़ी के माध्यम से नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों और नहीं पाने वाले उम्मीदवारों के बीच अंतर करने में असमर्थता है।
इसके चलते करीब 26,000 शिक्षक अपनी नौकरियों से हाथ धो बैठे। इसी के विरोध में शिक्षक गुरुवार सुबह बिकाश भवन के बाहर इकट्ठा हुए और प्रदर्शन कर रहे हैं। 15 मई को प्रदर्शन के दौरान पुलिस और शिक्षकों के बीच जमकर झड़प हुई थी। कई शिक्षक घायल हो गए थे, जिनमें से 60-70 को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। बावजूद इसके प्रदर्शनकारी लगातार विरोध कर रहे हैं।