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डोकलाम पर पुरानी चाल चल रहा है चीन, शुरू की पहले की तरह बयानबाजी
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
Updated Wed, 11 Oct 2017 08:04 AM IST
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डोकलाम के विवादित स्थल से सहमति के बाद सेना हटाने के बावजूद चीन एक बार फिर से पुरानी चाल चल रहा है। पहले की तरह चीन ने इस मामले में नए सिरे से भड़काऊ बयानबाजी शुरू की है।
विवादित स्थल से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर सड़क निर्माण शुरू करने के बाद भारत को इस विवाद के निकट भविष्य में फिर भड़कने की आशंका है। जाहिर तौर पर अगर यह निर्माण प्रक्रिया विवादित स्थल तक पहुंची तो भारत पहले की तरह भूटान के सहयोग से चीन को ऐसा करने से रोकेगा।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक विवाद खत्म करने पर बनी सहमति के बाद चीनी सेना विवादित स्थल से दूर हट गई है। हालांकि चुंबी घाटी इलाके में चीनी सेना का गश्त जारी है। इसके साथ ही चीन विवादित स्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर सड़क निर्माण कर रहा है।
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चूंकि यह विवादित इलाका नहीं है, इसलिए भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की जा रही है। जहां तक डोकलाम के विवादित क्षेत्र की बात है तो अगर चीनी सेना ने इस क्षेत्र में फिर से निर्माण की कोशिश की तो भारत पहले की तरह उसे ऐसा करने से रोकेगा।
भारत के स्पष्ट रुख और ब्रिक्स सम्मेलन को विवाद से बचाने के लिए चीन ने इस विवाद को सुलझाने में न सिर्फ दिलचस्पी दिखाई, बल्कि भारत के प्रस्ताव के मुताबिक दोनों ही ओर से अपनी अपनी सेना को पीछे हटाने पर सहमत हुआ। मगर इसके बाद चीन की ओर से बयानबाजी के सहारे फिर से भारत को उकसाने की कोशिश हो रही है।
भारत ने पहले की तरह इस मामले में कूटनीतिक चालें चलने का मन बनाया है। इस रणनीति के तहत भारत तब तक इस मुद्दे पर सक्रियता नहीं दिखाएगा, जब तक चीन की ओर से फिर से विवादित स्थल पर निर्माण का प्रयास होता दिखेगा।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों ने चीन की सरकारी मीडिया के द्वारा फिर से भारत के खिलाफ बयानबाजी शुरू हुई है। इस क्रम में भारतीय समाज को पागलपन का शिकार बताने के अलावा कहा गया है कि चीन चुंबी घाटी इलाके में निर्माण कार्य और गश्त जारी रखेगा।
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विवादित स्थल से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर सड़क निर्माण शुरू करने के बाद भारत को इस विवाद के निकट भविष्य में फिर भड़कने की आशंका है। जाहिर तौर पर अगर यह निर्माण प्रक्रिया विवादित स्थल तक पहुंची तो भारत पहले की तरह भूटान के सहयोग से चीन को ऐसा करने से रोकेगा।
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सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक विवाद खत्म करने पर बनी सहमति के बाद चीनी सेना विवादित स्थल से दूर हट गई है। हालांकि चुंबी घाटी इलाके में चीनी सेना का गश्त जारी है। इसके साथ ही चीन विवादित स्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर सड़क निर्माण कर रहा है।
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चूंकि यह विवादित इलाका नहीं है, इसलिए भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की जा रही है। जहां तक डोकलाम के विवादित क्षेत्र की बात है तो अगर चीनी सेना ने इस क्षेत्र में फिर से निर्माण की कोशिश की तो भारत पहले की तरह उसे ऐसा करने से रोकेगा।
भारत के स्पष्ट रुख और ब्रिक्स सम्मेलन को विवाद से बचाने के लिए चीन ने इस विवाद को सुलझाने में न सिर्फ दिलचस्पी दिखाई, बल्कि भारत के प्रस्ताव के मुताबिक दोनों ही ओर से अपनी अपनी सेना को पीछे हटाने पर सहमत हुआ। मगर इसके बाद चीन की ओर से बयानबाजी के सहारे फिर से भारत को उकसाने की कोशिश हो रही है।
भारत ने पहले की तरह इस मामले में कूटनीतिक चालें चलने का मन बनाया है। इस रणनीति के तहत भारत तब तक इस मुद्दे पर सक्रियता नहीं दिखाएगा, जब तक चीन की ओर से फिर से विवादित स्थल पर निर्माण का प्रयास होता दिखेगा।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों ने चीन की सरकारी मीडिया के द्वारा फिर से भारत के खिलाफ बयानबाजी शुरू हुई है। इस क्रम में भारतीय समाज को पागलपन का शिकार बताने के अलावा कहा गया है कि चीन चुंबी घाटी इलाके में निर्माण कार्य और गश्त जारी रखेगा।