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Hindi News ›   India News ›   PM Modi Leh Visit Today: Chief of Defence Staff General Bipin Rawat to visit Leh today, will briefed on present situation

PM Modi Leh Visit: जवानों का हौसला बढ़ाने अचानक लेह पहुंचे पीएम मोदी, सीडीएस जनरल रावत भी साथ

Fri, 03 Jul 2020 01:24 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 03 Jul 2020 01:24 PM IST
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PM Modi Leh Visit Today: Chief of Defence Staff General Bipin Rawat to visit Leh today, will briefed on present situation
PM MODI IN LEH - फोटो : ANI

भारत-चीन तनाव के बीच जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अचानक लेह पहुंचे। साथ में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का काफिला भी है। पीएम मोदी ने सीमा पर अग्रिम मोर्चे निमू का जायजा लिया। वह अचानक ही आज सुबह लेह पहुंच गए थे। 

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यहां पहुंचकर पीएम मोदी ने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात की। निमू करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है जो सबसे कठिन परिस्थिति वाली जगह मानी जाती है। ये जगह जांस्कर रेंज से घिरी हुई है।
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अचानक पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौजूदा स्थिति की पूरी जानकारी दी। 
 

सीडीएस जनरल रावत आज पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के खिलाफ तीनों सेनाओं की तैयारियों का जायजा लेंगे। साथ ही सीमा पर तनाव कम करने की प्रक्रियाओं के बारे में भी वह जानकारी लेंगे। जनरल रावत सेना प्रमुख के तौर पर चीनी सेना के समक्ष खड़े रहे चुके हैं। वर्ष 2017 में दोकलम में 73 दिनों तक भारतीय सेना चीनी सेना के समक्ष डटी रही थी। 

राजनाथ का लद्दाख दौरा हुआ था स्थगित
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का लद्दाख दौरा गुरुवार को स्थगित हो गया था। वे शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के साथ लद्दाख जाने वाले थे। लद्दाख में रक्षा मंत्री को चीनी सेना के साथ सीमा पर गतिरोध के मद्देनजर भारत की सैन्य तैयारियों का जायजा लेना था। अब उनके कार्यक्रम को दोबारा तैयार किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें- एलएसी पर चीन के साथ बढ़ा तनाव, पश्चिमी मोर्चे पर भी सतर्क हुई भारतीय सेना


अगर रक्षा मंत्री शुक्रवार को लद्दाख जाते तो भारत-चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध के दौरान उनका पहला लद्दाख दौरा होता। उनके साथ थलसेनाध्यक्ष नरवणे भी जाने वाले थे। बता दें कि नरवणे कुछ दिन पहले ही लद्दाख दौरे से लौटे हैं। माना जा रहा था कि राजनाथ सिंह के दौरे का मकसद सैनिकों का मनोबल बढ़ाना था।

इससे पहले सेना प्रमुख ने 23 और 24 जून को लद्दाख का दौरा किया था। जनरल नरवणे ने जवानों को सम्मानित करते हुए उनका हौसला बढ़ाया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली आकर रक्षा मंत्री को हालात की जानकारी दी थी। बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच मंगलवार को चुशुल सेक्टर में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी।

15 जून को 20 जवान हुए थे शहीद
पिछले एक महीने से सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव को कम करने पर बातचीत जारी है। 15 और 16 जून को गलवां घाटी में चीनी सेना ने घुसपैठ करने की कोशिश की थी, जिन्हें भारतीय सेना ने रोका था। इस हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। 

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