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Tamil Nadu: टीएन निषेध संशोधन अधिनियम 2024 लागू, अवैध शराब से मौत पर तस्कर को आजीवन कारावास की सजा

Sat, 13 Jul 2024 11:53 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 13 Jul 2024 11:53 PM IST
सार

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु निषेध संशोधन अधिनियम, 2024, लागू हो गया है। टीएन निषेध अधिनियम, 1937 को कल्लाकुरिची में जहरीली शराब त्रासदी के बाद संशोधित किया गया था। 29 जून को इसे राज्य विधानसभा में सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई और 11 जुलाई को राज्यपाल आरएन रवि ने अधिनियम को अपनी सहमति दे दी।

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Chief Minister MK Stalin says Tamil Nadu Prohibition Amendment Act 2024 came into force
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन - फोटो : ANI

विस्तार

तमिलनाडु निषेध संशोधन अधिनियम, 2024 शनिवार को लागू हो गया है। इस अधिनियम में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री जैसे अपराधों के लिए बढ़ी हुई सजा और जुर्माने का प्रावधान किया है। अधिनियम को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया है। यदि अब राज्य में अवैध शराब के सेवन से मौत होती है तो शराब तस्कर को आजीवन कारावास और कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना होगा।

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मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु निषेध संशोधन अधिनियम, 2024, लागू हो गया है। टीएन निषेध अधिनियम, 1937 को कल्लाकुरिची में जहरीली शराब त्रासदी के बाद संशोधित किया गया था। 29 जून को इसे राज्य विधानसभा में सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई और 11 जुलाई को राज्यपाल आरएन रवि ने अधिनियम को अपनी सहमति दे दी। जिसके बाद यह अधिनियम राजपत्र में अधिसूचित किया गया है। 
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बता दें कि कल्लाकुरिची में जून में मेथनॉल युक्त अवैध शराब के सेवन से 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जिसके कुछ दिनों बाद मुख्यमंत्री ने टीएन निषेध अधिनियम, 1937 में संशोधन करने के लिए एक विधेयक पेश किया। संशोधित अधिनियम के पीछे का मकसद अपराधियों को कड़ी सजा सुनिश्चित कराना था ताकि राज्य में जहरीली शराब की त्रासदियों को रोका जा सके। जहरीली शराब के सेवन से होने वाली मौतों के मामले में शराब तस्करों के लिए आजीवन कारावास शामिल है। 
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संशोधन अधिनियम की धारा 4, 5, 6, 7 और 11 के तहत विभिन्न अपराधों के लिए कारावास की अवधि और जुर्माने की मात्रा को काफी हद तक बढ़ा दिया गया है। अधिनियम में अधिकतम 10 साल की कठोर कारावास (आरआई) और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना निर्धारित किया गया है। 

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