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कार्यपालिका के नाकाम रहने पर ही हस्तक्षेप करती है न्यायपालिका: चीफ जस्टिस

Mon, 06 Jun 2016 10:44 PM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Mon, 06 Jun 2016 10:44 PM IST
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chief justice of india ts thakur said Judiciary intervenes only when executive fails
कार्यपालिका के नाकाम रहने पर ही हस्तक्षेप करती है न्यायपालिका : चीफ जस्टिस - फोटो : PTI

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा है कि जब कार्यपालिका अपने संवैधानिक दायित्व निभाने में नाकाम रहती है, तभी न्यायपालिका हस्तक्षेप करती है। एक चैनल से साक्षात्कार में चीफ जस्टिस ने कहा कि अदालतें केवल अपना संवैधानिक दायित्व निभा रही हैं। अगर सरकार अपनी जिम्मेदारी सही से पूरा करे तो अदालतों को हस्तक्षेप करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियां यदि अनदेखी करेंगी या अपना काम नहीं करेंगी तो न्यायपालिका निश्चित तौर पर दखल देगी।

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उन्होंने कहा कि हम सिर्फ संविधान में बताए गए अपने कर्तव्यों को पूरा कर रहे हैं। चीफ जस्टिस से वित्त मंत्री अरुण जेटली के उस हालिया बयान के बारे में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने कार्यपालिका के कामों में न्यायपालिका के हस्तक्षेप करने की बात कही थी।
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चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि सरकार को आरोप लगाने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। लोग कार्यपालिका से परेशान होने के बाद ही अदालतों में जाते हैं। अदालतों में बड़ी संख्या में खाली पदों के बारे में चीफ जस्टिस ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री से कई बार बात की है और वह इस पर एक रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार को भेज रहे हैं। 

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