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सुप्रीम कोर्ट का नया रोस्टर जारी, चीफ जस्टिस और तीन वरिष्ठ जज सुनेंगे जनहित याचिकाएं

Sat, 30 Nov 2019 06:29 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 30 Nov 2019 06:29 AM IST
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Chief Justice and 3 senior judges will hear public interest petitions
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

सुप्रीम कोर्ट ने अपना नया वर्क रोस्टर जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि अब शीर्ष अदालत में जनहित याचिकाओं (पीआईएल) से जुड़ी सुनवाई भारत के मुख्य न्यायधीश (सीजेआई) एसए बोबडे और तीन अन्य सबसे वरिष्ठ जज ही करेंगे। यह रोस्टर बीती 26 नवंबर से ही लागू हो गया है।

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रोस्टर में दिए गए काम के बंटवारे के हिसाब से चीफ जस्टिस बोबडे ने पीआईएल की सुनवाई की जिम्मेदारी अपने अलावा जस्टिस एनवी रामन्ना, जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस आरएफ नरीमन को सौंपी है। इस हिसाब से इसे पिछले रोस्टर से अलग माना जा रहा है, जिसमें तत्कालीन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने जनहित याचिकाओं की जिम्मेदारी खुद समेत सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष पांच जजों को दी थी।
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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में सीजेआई के साथ जस्टिस रामन्ना, जस्टिस मिश्रा, जस्टिस नरीमन और जस्टिस आर. भानुमति की मौजूदगी रहेगी।

पीआईएल मामलों से इतर सीजेआई बोबडे अवमानना, चुनाव, बंदी प्रत्यक्षीकरण, सामाजिक न्याय, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष कर आदि से जुड़े मामलों की भी सुनवाई करेंगे। सीजेआई जांच आयोगों, कंपनी लॉ, एकाधिकार व प्रतिबंधात्मक व्यापार, ट्राई, सेबी और भारतीय रिजर्व बैंक से जुड़े आपराधिक मामले व मुकदमे भी देखेंगे।
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अन्य जजों की पीठ पर ये जिम्मेदारी

  • जस्टिस एनवी रामन्ना की पीठ- सशस्त्र बलों, मुआवजे, आपराधिक व सामान्य नागरिक मामलों के अलावा न्यायिक अधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट के कर्मचारियों, उच्च न्यायालयों, जिला अदालतों और न्यायाधिकरणों से संबंधित मामले आदि।
  • जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ- भूमि अधिग्रहण, मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश, वैधानिक निकायों के आदेशों के खिलाफ अपील, अप्रत्यक्ष कर, अवमानना आदि।
  • जस्टिस नरीमन की पीठ- पारिवारिक कानून के मामले, पट्टों के मामलों, सरकार और स्थानीय निकायों द्वारा अनुबंध से संबंधित मामले आदि।
  • जस्टिस भानुमति की पीठ- श्रम, किराया अधिनियम, भूमि कानून और कृषि संबंधी अन्य मामले आदि।
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