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चिदंबरम की बढ़ सकती है परेशानी, एयरसेल-मैक्सिस मनी लांड्रिंग मामले में फिर पूछताछ
भाषा, नई दिल्ली
Updated Fri, 31 Aug 2018 04:13 PM IST
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एयरसेल-मैक्सिस मनी लांड्रिंग मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से आज फिर पूछताछ की। अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी। उसने कहा कि चिदंबरम सुबह ईडी के दफ्तर पहुंचे। मनी लांड्रिंग निरोधक कानून के तहत उनके बयान को रिकार्ड किया जाएगा। यह चौथा मौका है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से पूछताछ की गई। इससे पहले, उनसे 24 अगस्त को करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई थी।
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चिदंबरम के बेटे कार्ति से ईडी ने दो बार पूछताछ की है। सीबीआई ने जुलाई में इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। ईडी अगले पखवाड़े इस संबंध में अभियोजन पत्र दायर कर सकता है। एयरसेल-मैक्सिस मामला विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) द्वारा मेसर्स ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेज लि. को एयरसेल में निवेश की मंजूरी से जुड़ा़ है।
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उच्चतम न्यायालय ने 12 मार्च को जांच एजेंसियों सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को एयरसेल मैक्सिस मामले में कथित मनी लांड्रिंग समेत 2जी स्पेक्ट्रम आबंटन मामले में छह महीने में जांच पूरी करने को निर्देश दिया था।
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एजेंसी ने कहा था कि एयरसेल-मैक्सिस एफडीआई मामले में एफआईपीबी मंजूरी मार्च 2006 में चिदंबरम ने दी थी। हालांकि, वह केवल 600 करोड़ रुपए तक के निवेश को ही मंजूरी दे सकते थे। इससे अधिक निवेश की मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति से अनुमति आवश्यक है।
इस मामले में 80 करोड़ डालर (3,500 करोड़ रुपए) की मंजूरी दी गई। इसीलिए सीसीईए की मंजूरी जरूरी थी। ईडी इस बात की जांच कर रहा है कि किन परिस्थितियों में वित्त मंत्री द्वारा 2006 में एफआईपीबी की मंजूरी दी गई।