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Extortion Case: सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, फर्जी फोन नंबर से रंगदारी वसूलने का मामला
Fri, 07 Oct 2022 10:51 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 07 Oct 2022 10:51 PM IST
सार
बताया जा रहा है कि विभिन्न एजेंसियों द्वारा जिन लोगों की जांच की जा रही थी, उन लोगों से कथित तौर पर फर्जी फोन नंबर (स्पूफिंग) के जरिए नौ करोड़ रुपये से ज्यादा की रंगदारी वसूलने के मामले में यह आरोप पत्र दायर किया गया है।
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सुकेश
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सीबीआई ने शुक्रवार को सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। आरोपपत्र फर्जी फोन नंबर से रंगदारी वसूलने के मामले में दाखिल किया गया है। सुकेश से जुड़े एक मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिज का भी नाम सामने आया था। जैकलीन से मामले को लेकर पूछताछ भी की गई थी। कुछ ही दिन पहले दिल्ली की एक कोर्टने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से संबंधित 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जैकलीन को अंतरिम जमानत दी थी।
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सीबीआई ने सुकेश चंद्रशेखर और संजय जैन उर्फ संजय चिकन के खिलाफ तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के सीजेएम चेंगलपट्टू के समक्ष चार्जशीट दाखिल की है। सीबीआई ने मई 2020 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर एक मामला दर्ज किया था और 2019 में दर्ज प्राथमिकी की जांच अपने हाथ में ली थी। FIR पुलिस स्टेशन डीसीबी तिरुवल्लूर चेन्नई (तमिलनाडु) में दर्ज की गई थी। बताया जा रहा है कि विभिन्न एजेंसियों द्वारा जिन लोगों की जांच की जा रही थी, उन लोगों से कथित तौर पर फर्जी फोन नंबर (स्पूफिंग) के जरिए नौ करोड़ रुपये से ज्यादा की रंगदारी वसूलने के मामले में यह आरोप पत्र दायर किया गया है।
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जांच के दौरान दोनों आरोपितों की भूमिका सामने आई। आरोपी ने कथित तौर पर डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल कर ठगी करने की साजिश रची थी। आरोपियों में से एक ने अक्तूबर 2019 के दौरान हिरासत में पैरोल में रहते हुए कथित रूप से अपराध किया था और कॉल स्पूफिंग तकनीकों का उपयोग करके भारत सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी चूना लगाया और विभिन्न व्यक्तियों को फोन किया, जो विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा आपराधिक मामलों का सामना कर रहे थे।
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यह भी आरोप लगाया गया था कि उन्होंने उनके मामलों को निपटाने की आड़ में उनसे रिश्वत के रूप में भारी मात्रा में राशि उगाही की थी और इस तरह एकत्र किए गए धन का अपने निजी उपयोग के लिए दुरुपयोग किया था।