आईसीआईसीआई- वीडियोकॉन मामला: चंदा कोचर, उनके पति ईडी के सामने हुए हाजिर
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आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष शनिवार को पेश हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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ईडी की ओर से कोचर के ठिकानों पर की गई छापेमारी के एक दिन बाद दोनों केंद्रीय एजेंसी के बलार्ड एस्टेट कार्यालय पहुंचे।
अधिकारियों ने कहा कि जांच अधिकारी धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कोचर और उनके पति के बयान दर्ज करेंगे।
इससे पहले ईडी ने शुक्रवार को चंदा कोचर के मुंबई और वीडियोकॉन समूह के वेणुगोपाल धूत के औरंगाबाद स्थित परिसरों पर छापेमारी की कार्रवाई की थी।
अधिकारियों ने बताया कि कुल पांच परिसरों पर छानबीन की गई है। एजेंसी ने शुक्रवार को कोचर और धूत से पूछताछ भी की।
कयास लगाए जा रहे हैं कि वीडियोकॉन समूह के प्रवर्तक धूत भी शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हो सकते हैं।
ईडी ने इस साल की शुरुआत में कोचर, उनके पति दीपक कोचर, धूत एवं अन्य के खिलाफ के धनशोधन कानून के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। मामला आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह को 1,875 करोड़ रुपये का ऋण देने में कथित अनियमिताओं और भ्रष्ट व्यवहार की जांच से जुड़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि मामले में अधिक सबूतों की तलाश के लिए ईडी ने शुक्रवार सुबह यह छापेमारी की। इसमें पुलिस ने ईडी की मदद की।
सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में चंदा कोचर, दीपक कोचर, धूत और उनकी कंपनियों वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (वीआईईएल) और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (वीआईएल) को नामजद किया गया है।
सीबीआई ने प्राथमिकी में धूत की एक और कंपनी सुप्रीम एनर्जी और दीपक के नियंत्रण वाली न्यूपावर रीन्यूएबल्स को भी नामजद किया है।
ICICI Bank-Videocon loan case: Former ICICI Bank MD & CEO Chanda Kochhar and Deepak Kochhar have reached Enforcement Directorate's (ED) Mumbai office for questioning. pic.twitter.com/D21uPkXV0Z
— ANI (@ANI) March 2, 2019
बीते महीने दर्ज हुई थी एफआईआर
इन तीनों के खिलाफ सीबीआई ने पिछले महीने 1875 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज किया था। चंदा के कार्यकाल के दौरान वीडियोकॉन को 2009-11 के बीच छह बार लोन दिया गया था। सीबीआई के अलावा ईडी भी इस मामले में जांच कर रही है।
इन पर होनी है जांच
ईडी को कोचर दंपत्ति द्वारा खरीदी गई संपत्तियों की जांच करनी है, जिसमें दक्षिण मुंबई स्थित उनके द्वारा खरीदा गया एक अपार्टमेंट भी शामिल है। ईडी ने कहा है कि कोचर दंपत्ति ने पैसों की हेराफेरी करने के लिए कई सारी कंपनियों को बनाया, जिसके जरिए वीडियोकॉन समूह को पैसा भेजा गया था। इस मामले में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से भी बात की जाएगी।
वापस करना होगा बोनस का पैसा
आईसीआईसीआई बैंक ने चंदा कोचर को कदाचार का दोषी पाया है। 9 साल की नौकरी में चंदा ने बैंकिंग क्षेत्र में बड़ा नाम कमाया, लेकिन अब बैंक ने 2009 से मिले बोनस से लेकर के भविष्य में मिलने वाली कई सुविधाओं को वापस ले लिया है। अब जस्टिस बी.एन श्रीकृष्णा की रिपोर्ट जारी होने के बाद बैंक ने कड़ा कदम उठाते हुए उनको मिलने वाली सारी
सुविधाओं को वापस ले लिया है।
ऐसे पहुंची शून्य-शिखर-शून्य तक
चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक में 1984 में मैनेजमेंट ट्रेनी नौकरी शुरू की थी। 2009 में उनको बैंक का सीईओ नियुक्त किया गया था। देश के किसी बैंक की पहली महिला सीईओ बनने वाली चंदा राजस्थान के जोधपुर से हैं। 2009 में 48 साल की चंदा किसी बैंक की सबसे युवा सीईओ थीं।
- वीडियोकॉन विवाद से छवि हुई धूमिल।
- वीडियोकॉन विवाद में नाम आने के बाद चंदा कोचर की छवि धूमिल हो गई थी।
- सीबीआई ने दर्ज किया केस।
- 2011 में राष्ट्रपति के हाथों देश का दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय सम्मान पद्मभूषण दिया गया।
- फोर्ब्स और फार्च्यून पत्रिकाओं द्वारा विश्व की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में कई सालों तक शामिल होती रही हैं।
- उनके नेतृत्व में ही आईसीआईसीआई बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा निजी बैंक बना।
- बैंकिंग क्षेत्र में किया बड़ा घोटाला।