रिंगिंग बेल के चेयरमैन, प्रमोटरों की गिरफ्तारी पर रोक
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देश के लोगों को 250 रुपये में स्मार्ट फोन बेचने का वादा करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल के अध्यक्ष और प्रमोटरों को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत है। कोर्ट ने अध्यक्ष अशोक चड्ढा और प्रमोटर मोहित गोयल तथा धारणा गर्ग की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है।
इन तीनों के खिलाफ नोएडा में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए तीनों ने प्राथमिकी को याचिका दाखिल कर चुनौती दी है। याचिका में प्राथमिकी रद्द करने तथा गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका पर न्यायमूर्ति बीके नारायण और न्यायमूर्ति शशिकांत की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
याचीगण का कहना था कि उन्होंने जनता से लिए गए पैसे उपयुक्त फोरम के मार्फत वापस कर दिए हैं। इसलिए उनके खिलाफ किसी प्रकार का धोखाधड़ी का केस नहीं बनता है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से हलफनामा मांगा है तथा पूछा है कि क्या याचीगण ने वास्तव में जनता से ली गई रकम लौटा दी है या नहीं।
5 अप्रैल तक उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं
साथ ही निर्देश दिया है कि पांच अप्रैल तक उनके खिलाफ कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने अशोक चड्ढा, मोहित गोयल और धारणा गर्ग को अपना पासपोर्ट एसएसपी गौतमबुद्ध नगर के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि रिंगिंग बेल के खिलाफ भाजपा सांसद किरीट सोमैय्या ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
उन पर आरोप है कि कंपनी जनता को मात्र 250 रुपये में स्मार्ट फोन बेचने का वादा कर गुमराह कर रही है। इतना सस्ता स्मार्ट फोन दे पाना मुमकिन नहीं है। इस फ्रॉड के जरिए कंपनी आम लोगों से करोड़ों रुपये ले लिए हैं।