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Maharashtra: क्या माता-पिता तलाकशुदा हैं? विवादित IAS पूजा खेडकर मामले में केंद्र ने पुलिस से मांगी जानकारी
Tue, 23 Jul 2024 06:23 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 23 Jul 2024 06:23 PM IST
सार
Maharashtra: केंद्र सरकार ने पुणे पुलिस से विवादित प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर के माता-पिता की वैवाहिक स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है।
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पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
विवादित प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। अब केंद्र सरकार ने अब पुणे पुलिस से खेडकर के माता-पिता की वैवाहिक स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है। खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में धोखाधड़ी से ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर का लाभ उठाया।
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खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने पुणे के जिला कलेक्ट्रेट में अपने प्रशिक्षण के दौरान सुविधाओं की मांग कर विशेषाधिकारों का दुरुपयोग किया। उनपर आस पास के सभी लोगों को धमकाने का भी आरोप है। उन पर एक निजी ऑडी कार के ऊपर लाल-नीली बत्ती (उच्च रैंक वाले अधिकारी का संकेत) रखने औक उस पर महाराष्ट्र सरकार लिखाने का भी आरोप है।
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गलत तथ्य पेश करने के लिए पिछले हफ्ते उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 2022 के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया। यूपीएससी उन्हें भविष्य की परीक्षाओं से भी प्रतिबंधित करने पर विचार कर रहा है।
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पुणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि केंद्र सरकार ने उनसे पूछा है कि पूजा खेडकर की मां मनोरमा और पिता दिली तलाकशुदा हैं या नहीं। उन्होंने कहा, हमसे कहा गया है कि हम पता लगाएं और केंद्र सरकार को बताएं कि क्या पूजा खेडकर के माता-पिता तलाकशुदा थे। सरकार ने हमें उनकी शादी/तलाक की वास्तविक स्थिति को सत्यापित करने के लिए कहा है।
यूपीएससी में अन्य पिछड़ा वर्ग के नॉन-क्रीमी लेयर कोटे का लाभ उठाने के लिए खेडकर ने दावा किया था कि उनके माता-पिता अलग हो चुके हैं और वह अपनी मां के साथ रह रही हैं। खेडकर से पूछा गया कि जब उनके पिता लोक सेवक थे, तो उनके परिवार की आय को शून्य क्यों दिखाया गया है। इसर उन्होंने कहा था कि उनके माता-पिता अलग हो गए और वह अपने पिता के संपर्क में नहीं हैं। नियमों के मुताबिक, केवल वे लोग ही ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर की श्रेणी में आते हैं, जिनके माता-पिता की आय आठ लाख रुपये प्रति वर्ष से कम है।