केंद्र सरकार ने 176 IAS-IPS अधिकारियों को थमाया रिटायरमेंट पत्र, काम में करते थे ढिलाई
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केंद्र सरकार ने 176 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को काम में ढिलाई बरतने पर जनहित में रिटायरमेंट का लेटर थमा दिया है। इसके साथ ही बड़े अधिकारियों को सरकार ने सख्त संदेश दिया है कि अगर काम के दौरान वो लापरवाही करेंगे तो फिर उन पर किसी तरह का कोई रहम नहीं किया जाएगा।
लोकसभा में दी जानकारी
केंद्र सरकार की तरफ से कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में देते हुए कहा कि वित्तीय नियम-56 (जे) के प्रावधानों और इसी तरह के दूसरे प्रावधानों के तहत समूह ए के 53 और समूह बी के 123 अधिकारियों के मामले में एक जुलाई, 2014 से 31 अक्तूबर, 2017 के बीच नियमों को अपनाया गया है।
11 हजार कर्मचारियों की समीक्षा
कार्मिक मंत्रालय ने पहले कहा था कि समूह ए के 11,828 अधिकारियों के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई है। इनमें आईएएस, आईपीएस और भारतीय वन सेवा जैसी अखिल भारतीय सेवाओं के 2953 अधिकारी हैं। इसके अलावा समूह बी के 19,714 अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा की गई।
केंद्र सरकार के विभागों में चार लाख से अधिक पद खाली
केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में चार लाख से अधिक पद खाली हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के नागरिक कर्मियों के वेतन और भत्ते पर वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में 01 मार्च 2016 तक स्वीकृत 36,33,935 पदों में से 4,12,752 पद खाली हैं।
एक दूसरे सवाल पर जवाब देते हुए सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के पदों/सेवाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।
रेलवे में सुरक्षा तंत्र से संबंधित एक लाख ज्यादा पद खाली
रेलवे में अप्रैल 2017 तक सुरक्षा तंत्र से संबंधित एक लाख ज्यादा पद खाली थे। रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन खाली पदों को तेजी से भरने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अप्रैल 2017 तक रेलवे के सभी जोनों में सुरक्षा कैडरों के खाली पदों की संख्या एक लाख 28 हजार 942 थी। इसके साथ ही ड्रॉइवरों समेत सभी लोको रनिंग श्रेणियों में खाली पदों की संख्या 17 हजार 457 थी।