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विधानसभा चुनाव : मतगणना स्थल पर वाईफाई और वेबकास्टिंग पर लगी रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 10 Dec 2018 11:58 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
कांग्रेस की आपत्ति के बाद चुनाव आयोग ने रविवार को निर्णय लिया है कि मतगणना के समय केवल सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। मतगणना के समय न तो वेबकास्टिंग होगी और न ही वाई फाई नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा।
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ये निर्णय देर रात लिया गया। कांग्रेस पार्टी ने मांग की थी कि वेबकास्टिंग में जियो की बजाय बीएसएनएल नेटवर्क का उपयोग होना चाहिए। साथ ही कांग्रेस ने इस बात पर भी आपत्ति जताई है कि वेबकास्टिंग के काम का ठेका गुजरात की कंपनी संघवी इन्फोटेक को क्यों दिया गया। जानकारी के मुताबिक जब इस कंपनी के कुछ इंजीनियर जब भोपाल और सागर में वेबकास्टिंग के लिए कैमरे इंस्टॉल कर रहे थे, तब कांग्रेसियों ने उनका नाम पूछा था। इनमें से एक ने अपना नाम बताते हुए कहा कि वह गुजरात से है। जिसके बाद कांग्रेस ने हंगामा किया।Madhya Pradesh: Chief Electoral Officer has directed that there will be no webcasting during the counting of votes. He has also directed that Wifi will not be used in the counting hall and CCTV cameras will be installed.
— ANI (@ANI) December 10, 2018
कांग्रेस का कहना है कि जब भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश का खुद का डोमेन (प्लेटफॉर्म) है तो मतगणना की जानकारी देने का काम किसी निजी कंपनी के हाथों क्यों सौंपा गया। कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने मध्यप्रदेश के निर्वाचन सदन पहुंचकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को आपत्ति दर्ज कराई। पहले तो कांग्रेस की आपत्ति को खारिज कर दिया गया लेकिन बाद में देर रात ये निर्णय लिया गया।
जानें क्या है वेबकास्टिंग
वेबकास्टिंग के तहत एक वीडियो कैमरा मतगणना केंद्र में वहां लगाया जाता है, जहां से सारी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। ये कैमरा सेंट्रलाइज्ड सर्वर से जुड़ा रहता है। इससे मतगणना केंद्र का सीधा प्रसारण भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयोग के अफसर देखते हैं।