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CBI: पश्चिम बंगाल में जबरन धर्म परिवर्तन मामले में सीबीआई ने लिया एक्शन, सात के खिलाफ दर्ज की एफआईआर
Thu, 06 Jul 2023 05:12 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 06 Jul 2023 05:12 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपी सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि एफआईआर कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत दर्ज की गई है।
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CBI
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपी सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि एफआईआर कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत दर्ज की गई है। हाईकोर्ट ने दो बहनों की रिट याचिका के बाद जांच का आदेश दिया।
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दोनों बहनों ने यह दावा करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था कि मालदा जिले के कालियाचक इलाके के निवासी उनके पतियों को विधानसभा चुनाव हारने वाली एक राजनीतिक पार्टी के लिए काम करने की सजा के तौर पर बलपूर्वक हिंदू धर्म से जबरन इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया था।
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याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि उनके पति 24 नवंबर, 2021 से लापता हैं, लेकिन पुलिस ने सूचना दिए जाने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। हालाँकि, पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि दोनों भाइयों ने स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपना लिया था और पारिवारिक विवाद के कारण उन्होंने घर छोड़ दिया था।
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कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर, सीबीआई ने 20 फरवरी को प्रारंभिक जांच दर्ज की। मई में अदालत को एक रिपोर्ट सौंपी गई, जिसके बाद उसने छह जून को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने कहा कि आदेश का अनुपालन करते हुए सीबीआई ने मंगलवार को मालदा के सभी निवासियों खुर्शीद सेख, नाजू सेख, बरकट्टी सेख, हबीब सेख, रबीउल सेख, मुक्तदुल सेख और टीनू सेख और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद दोनों बहनों ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया कि उनके पतियों को इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया है और उन्हें नमाज पढ़ने के लिए ले जाया गया है। बाद में दोनों भाई एक मुस्लिम घर में पाए गए और पुलिस ने उनकी पत्नियों को सूचित किया कि उन्हें उनके लापता होने के चार दिन बाद 28 नवंबर, 2021 को अदालत में पेश किया जाएगा। दोनों महिलाएं पूरे दिन इंतजार करती रहीं लेकिन उनके पतियों को अदालत में पेश नहीं किया गया, जिसके बाद वे घर लौट गईं।
लेकिन उनकी वापसी के बाद, भाइयों को मुस्लिम समुदाय की भारी उपस्थिति के बीच शाम को एसडीओ अदालत में पेश किया गया। वहीं सीबीआई ने बताया कि 4 जनवरी को, दोनों भाइयों को पास के धारला गांव में मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों के साथ भिक्षा मांगते हुए देखा गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी पत्नियां गांव पहुंचीं और उन्हें घर आने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन दोनों भाइयों के साथ आए लोगों ने उन्हें धमकी दी और उन्हें साथ में नहीं जाने दिया।