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चंदा कोचर के खिलाफ FIR दर्ज करने वाले अफसर का तबादला, सीबीआई ने दी सफाई
Sun, 27 Jan 2019 03:11 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 27 Jan 2019 03:11 PM IST
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सीबीआई
सीबीआई ने आईसीआईसीआई बैंक मामले में जांच अधिकारी का स्थानांतरण कर दिया क्योंकि गोपनीय पड़ताल में यह पाया गया कि अधिकारी जांच से जुड़ी सूचनाएं लीक कर रहा था। अधिकारियों ने रविवार को इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर, उनके पति दीपक और विडियोकॉन ग्रुप के एमडी वेणुगोपाल धूत के खिलाफ 22 जनवरी को मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के एक दिन बाद पुलिस अधीक्षक सुधांशु धर मिश्रा का तबादला रांची कर दिया गया है। इससे पहले भी सीबीआई की जानकारियां लीक होती रही है। सीबीआई विवाद में आलोक वर्मा द्वारा उच्चतम न्यायालय मे दाखिल किया गया जवाब लीक हो गया था। जिसपर की अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई थी।
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उन्होंने बताया कि मामले का कार्यभार नये जांच अधिकारी मोहित गुप्ता को दी गयी है। स्थानांतरण को उचित ठहराते हुए सीबीआई ने मिश्रा को शुरूआती जांच (पीई) को बेवजह अटकाए रखने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। अधिकारियों ने कहा कि कुछ समय पहले समीक्षा के बाद शुरूआती जांच तेज की गयी और इसे नियमित मामले में तब्दील किया गया। मामले के दर्ज होने के तुरंत बाद जांच शुरू की गई।
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अधिकारियों ने दावा किया कि तलाशी के संबंध में सूचनाएं लीक किए जाने के संदेह था। उन्होंने कहा कि गोपनीय जांच की गयी और सुधांशु धर मिश्रा की भूमिका पर शक हुआ। इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए उनका स्थानांतरण कर दिया गया ।
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केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने इस एफआईआर पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, 'पेशेवर जांच और जांच के दुस्साहस में आधारभूत अंतर है। हजारों किलोमीटर दूर बैठा मैं जब आईसीआईसीआई मामले में संभावित लक्ष्यों की सूची पढ़ता हूं तो एक ही बात दिमाग में आती है कि लक्ष्य पर ध्यान देने के बजाय अंतहीन यात्रा का रास्ता क्यों चुना जा रहा है? यदि हम बैंकिंग उद्योग से हर किसी को बिना सबूत के जांच में शामिल करने लगेंगे तो हम इससे क्या हासिल करने वाले हैं या वास्तव में नुकसान उठा रहे हैं।'