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उन्नाव: वकील ने कहा, सीबीआई ने जानबूझकर पीड़िता के पिता की हत्या मामले में विधायक का नाम नहीं लिया
Sat, 10 Aug 2019 09:11 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 10 Aug 2019 09:11 PM IST
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कुलदीप सेंगर
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्नाव बलात्कार पीड़िता के वकील ने यहां की एक अदालत को शनिवार को बताया कि पीड़िता के पिता की हत्या मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जान-बूझकर भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई का नाम आरोपियों के रूप में नहीं लिया। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई पूरी किए जाने की समय सीमा 45 दिन तय की थी और इसी के अनुपालन में दिल्ली उच्च न्यायालय की अनुमति से अदालत के अवकाश पर जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने विशेष सुनवाई की और इस दौरान यह दलील दी गई।
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सीबीआई की ओर से पेश वरिष्ठ लोक अभियोजक अशोक भारतेन्दु ने इस आरोप से इनकार किया और कहा कि जांच अधिकारी (आईओ) ने मामले में पूरी ‘‘निष्पक्षता’’ के साथ सबूत इकट्टा किए हैं और उनकी ओर से कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था।
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अदालत ने 2018 में कथित हमला और शस्त्र अधिनियम मामले में बलात्कार पीड़िता के पिता को फंसाने के मामले में आरोप तय करने के विषय पर 13 अगस्त के लिए अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। सीबीआई के आरोप पत्र में सेंगर और उसके भाई अतुल सिंह सेंगर और उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन अधिकारियों समेत 10 लोगों के नाम आरोपियों के रूप में है।
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आज की सुनवाई के दौरान पीड़िता के पिता का हत्या मामला भी अदालत के समक्ष आया। सीबीआई ने इस मामले में सेंगर और उसके भाई के नाम आरोपियों के रूप में शामिल नहीं किए है।