{"_id":"68da26888570ddd2930d6f81","slug":"cancel-dussehra-rally-redirect-funds-for-flood-victims-bjp-to-uddhav-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: 'दशहरा रैली रद्द कर बाढ़ पीड़ितों की मदद करें, आ गया सही समय..', भाजपा का उद्धव ठाकरे पर तंज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: 'दशहरा रैली रद्द कर बाढ़ पीड़ितों की मदद करें, आ गया सही समय..', भाजपा का उद्धव ठाकरे पर तंज
Mon, 29 Sep 2025 11:56 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 29 Sep 2025 11:56 AM IST
सार
Maharashtra: भाजपा ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए कि वह अपनी दशहरा रैली रद्द करें और उसका खर्च मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों की मदद में लगाएं। भाजपा प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने आरोप लगाया कि ठाकरे मुख्यमंत्री रहते हुए निष्क्रिय रहे, अब अपनी गलती सुधारने का यह सही समय है।
विज्ञापन
केशव उपाध्ये
- फोटो : एक्स/केशव उपाध्ये
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री उद्ध ठाकरे से मांग की कि वह अपनी पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली को रद्द कर दें और उस खर्च को मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों को दें। उपाध्ये ने आरोप लगाया कि जब ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब वह कार्रवाई करने में विफल रहे और घर पर बैठे रहे। उन्होंने कहा, अब अपनी गलती सुधारने का समय आ गया है।
भारी बारिश की वजह से राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ से कई लोग प्रभावित हुए हैं। अक्सर सूखे में रहने वाला मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश ने तबाही मचाई।
उद्धव ठाकरे और शिवसेना के लिए दशहरा रैली करना एक पुरानी परंपरा है। इस साल भी वह दो अक्तूबर को मुंबई के शिवाी पार्क में दशहरा रैली को संबोधित करने वाले हैं। केशव उपाध्ये ने कहा कि मराठवाड़ा में बाढ़ के कारण लोगों ने सबकुछ खो दिया है। उद्धव ठाकरे ने पहले पांच जिलों का दौरा किया और पीड़ितो के प्रति संवेदना जताई। अब कार्रवाई का समय है। उन्हें दशहरा रैली रद्द कर उस खर्च को बाढ़ पीढ़ितों के लिए खर्च करना चाहिए। इससे उनकी संवेदना का मतलब निकलेगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: महात्मा गांधी के परपोते की सत्याग्रह पदयात्रा शुरू, बोले- RSS ने फैलाई नफरत, मोहब्बत का देंगे संदेश
भाजपा नेता यह भी कहा कि जब सत्ता में थे, तब उद्धव ठाकरे कार्रवाई करने में विफल रहे और घर पर बैठे रहे। उन्होंने कहा, रैली रद्द कर और फंड को बाढ़ पीड़ितों को देकर लोगों के प्रति वास्तविक चिंता दिखाई जा सकती है। केशव उपाध्ये ने इस साल दशहरा रैली के विषय (थीम) की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि पहले शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के समय यह रैली विचारधारा का केंद्र हुआ करती थी। अब यह केवल दूसरों को गद्दार कहने और अपनी पार्टी के छिन जाने की कहानी दोहराने तक सीमित हो गई है। उन्होंने पूछा कि आम कार्यकर्ता को लाखों रुपये क्यों खर्च करने पड़ते हैं, जबकि रोजाना सामना में वही बातें चलती रहती हैं। हाल ही में ठाकरे ने मराठवाड़ा के पांच बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रभावितों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
विज्ञापन
भारी बारिश की वजह से राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ से कई लोग प्रभावित हुए हैं। अक्सर सूखे में रहने वाला मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश ने तबाही मचाई।
विज्ञापन
उद्धव ठाकरे और शिवसेना के लिए दशहरा रैली करना एक पुरानी परंपरा है। इस साल भी वह दो अक्तूबर को मुंबई के शिवाी पार्क में दशहरा रैली को संबोधित करने वाले हैं। केशव उपाध्ये ने कहा कि मराठवाड़ा में बाढ़ के कारण लोगों ने सबकुछ खो दिया है। उद्धव ठाकरे ने पहले पांच जिलों का दौरा किया और पीड़ितो के प्रति संवेदना जताई। अब कार्रवाई का समय है। उन्हें दशहरा रैली रद्द कर उस खर्च को बाढ़ पीढ़ितों के लिए खर्च करना चाहिए। इससे उनकी संवेदना का मतलब निकलेगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: महात्मा गांधी के परपोते की सत्याग्रह पदयात्रा शुरू, बोले- RSS ने फैलाई नफरत, मोहब्बत का देंगे संदेश
भाजपा नेता यह भी कहा कि जब सत्ता में थे, तब उद्धव ठाकरे कार्रवाई करने में विफल रहे और घर पर बैठे रहे। उन्होंने कहा, रैली रद्द कर और फंड को बाढ़ पीड़ितों को देकर लोगों के प्रति वास्तविक चिंता दिखाई जा सकती है। केशव उपाध्ये ने इस साल दशहरा रैली के विषय (थीम) की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि पहले शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के समय यह रैली विचारधारा का केंद्र हुआ करती थी। अब यह केवल दूसरों को गद्दार कहने और अपनी पार्टी के छिन जाने की कहानी दोहराने तक सीमित हो गई है। उन्होंने पूछा कि आम कार्यकर्ता को लाखों रुपये क्यों खर्च करने पड़ते हैं, जबकि रोजाना सामना में वही बातें चलती रहती हैं। हाल ही में ठाकरे ने मराठवाड़ा के पांच बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रभावितों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।