फैसला: अब से भारत में ही बनेगी इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी, 18100 करोड़ के पीएलआई इंसेटिंव को मिली मंजूरी
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि एडवांस केमिस्ट्री सेल बैटरी स्टोरेज के नेशनल प्रोग्राम को मंजूरी दी गई है।
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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि एडवांस केमिस्ट्री सेल बैटरी स्टोरेज के नेशनल प्रोग्राम को मंजूरी दी गई है। यह फैसला आत्मनिर्भर भारत का एक परिदृश्य होने के साथ ही मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। इसके तहत अब से इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी देश में ही बनेंगी।
The Union Cabinet has approved production-linked incentives to reduce import dependence & fuel domestic production of battery storage equipment. This will give a big push to electric mobility, benefiting 3-wheeler, 4-wheeler & heavy vehicles: Union Minister Prakash Javadekar pic.twitter.com/XveFWdPHV0
— ANI (@ANI) May 12, 2021विज्ञापन
जावड़ेकर ने बताया कि बैटरी स्टोरेज बढ़े इसके लिए हम 20 हजार का बैटरी स्टोरेज बाहर से आयात कराते हैं लेकिन अब पीएलआई के तहत इसका उत्पादन देश में किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि इससे आगे चलकर बड़े पैमाने पर ईंधन के आयात को भी कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि उन्नत रसायन सेल बैटरी भंडारण पर राष्ट्रीय कार्यक्रम से 45,000 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। इस योजना से इलेक्ट्रिकल व्हिकल योजना को भी लाभ मिलेगा। जब हम बैटरी स्टोरेज का इस्तेमाल करेंगे तो कोयला बचेगा।