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संसद के बजट सत्र में दिखेंगे राजनीति के बहुरंग
Wed, 30 Jan 2019 07:23 PM IST
शशिधर पाठक
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Published by: शशिधर पाठक
Updated Wed, 30 Jan 2019 07:23 PM IST
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गुरुवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद संसद के केन्द्रीय कक्ष में राज्यसभा और लोकसभा के संयुक्त सदन को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति अपने सरकार की उपलब्धियां, दशा और दिशा बताएंगे। इसके बाद एक फरवरी को केन्द्रीय वित्त मंत्री(प्रभार) पीयुष गोयल अंतरिम बजट-2019-2020 पेश करेंगे।
राजनीतिक दलों के कयासों के विपरीत यह बजट अंतरिम ही होगा और केन्द्रीय वित्त मंत्री इसमें किसान, मध्यवर्ग, युवा आदि के लिए सौगात की बारिश की कर सकते हैं। केन्द्र की वर्तमान सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला यह आखिरी बजट होगा और इसके बाद सभी राजनीतिक दल लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों में व्यस्त हो जाएंगे।
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खुद बजट सत्र में राज्यसभा में मौजूद रहकर विपक्ष पर हमलावर हो सकते हैं, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सत्र के शुरू होने से ठीक एक दिन पहले राफेल लड़ाकू विमान के मुद्दे में जान डालकर अपनी मंशा जता दी है।
कांग्रेस पार्टी का मुख्य फोकस भी किसान, युवा, मध्यवर्ग और युवाओं में बढ़ रही बेरोजगारी का मुद्दा है। इसके अलावा संसद में 13 फरवरी तक राम मंदिर निर्माण से लेकर तमाम मुद्दों पर राजनीति के कई रंग देखने को मिल सकते हैं। एक केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि सदन भले ही 13 फरवरी तक चलेगा, लेकिन यह समय काफी महत्वपूर्ण है।
कल 31 जनवरी को राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने भी सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्यसभा को सुचारु रुप से चलाने के प्रावधानों पर चर्चा होगी। यह बैठक राष्ट्रपति के केन्द्रीय कक्ष में अभिभाषण के बाद होगी।
इसी तरह से सत्ता पक्ष भी अपनी सरकार के इकबाल और हौसले को बुलंद रखने के लिए हर अवसर का इस्तेमाल करेगा। भाजपा के लिए राम मंदिर का मुद्दा गले की फांस बन गया है। भाजपा इसका ठीकरा कांग्रेस और उच्चतम न्यायालय पर फोड़ रही है।
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राजनीतिक दलों के कयासों के विपरीत यह बजट अंतरिम ही होगा और केन्द्रीय वित्त मंत्री इसमें किसान, मध्यवर्ग, युवा आदि के लिए सौगात की बारिश की कर सकते हैं। केन्द्र की वर्तमान सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला यह आखिरी बजट होगा और इसके बाद सभी राजनीतिक दल लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों में व्यस्त हो जाएंगे।
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राजनीति के दिखेंगे बहुरंग
सत्ता पक्ष ने 13 फरवरी तक चलने वाले इस सत्र को अपने पक्ष में भुनाने के लिए भरपूर तैयारी की है। भाजपा ने अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने, संसदीय कार्यवाही में पूरी लगन के साथ भाग लेने के लिए ताकीद किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दिशा-निर्देश पर राज्यसभा में सदन के नेता गुलाम नबी आजाद और लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने भी तैयारी की है।
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खुद बजट सत्र में राज्यसभा में मौजूद रहकर विपक्ष पर हमलावर हो सकते हैं, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सत्र के शुरू होने से ठीक एक दिन पहले राफेल लड़ाकू विमान के मुद्दे में जान डालकर अपनी मंशा जता दी है।
कांग्रेस पार्टी का मुख्य फोकस भी किसान, युवा, मध्यवर्ग और युवाओं में बढ़ रही बेरोजगारी का मुद्दा है। इसके अलावा संसद में 13 फरवरी तक राम मंदिर निर्माण से लेकर तमाम मुद्दों पर राजनीति के कई रंग देखने को मिल सकते हैं। एक केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि सदन भले ही 13 फरवरी तक चलेगा, लेकिन यह समय काफी महत्वपूर्ण है।
सुचारु रूप से चले सदन
एक फरवरी से 13 फरवरी तक सदन को सुचारु रूप से चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें संसदीय कार्यमंत्री थवर चंद गहलोत, मल्लिकार्जुन खडग़े समेत तमाम नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में सुमित्रा महाजन से सभी दलों के नेताओं सो सहयोग मांगा है।कल 31 जनवरी को राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने भी सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्यसभा को सुचारु रुप से चलाने के प्रावधानों पर चर्चा होगी। यह बैठक राष्ट्रपति के केन्द्रीय कक्ष में अभिभाषण के बाद होगी।
हंगामेदार रहेगी संसद
संसद का बजट सत्र हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। बजट सत्र में कांग्रेस, सपा, बसपा, राजद, वामदल, तृणमूल कांग्रेस, टीडीपी, डीएमके, एनसीपी समेत तमाम दलों के लिए अपनी बात रखने का यह आखिरी अवसर है।इसी तरह से सत्ता पक्ष भी अपनी सरकार के इकबाल और हौसले को बुलंद रखने के लिए हर अवसर का इस्तेमाल करेगा। भाजपा के लिए राम मंदिर का मुद्दा गले की फांस बन गया है। भाजपा इसका ठीकरा कांग्रेस और उच्चतम न्यायालय पर फोड़ रही है।