केंद्रीय बजट दिशाहीन और खोखला, वित्त मंत्री ने तीन घंटे सिर्फ भाषण दिया: राहुल गांधी
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट को दिशाहीन और खोखला करार दिया। उन्होंने कहा कि बजट के नाम पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन घंटे तक सिर्फ भाषण दिया। इसमें कोई भी सेंट्रल थीम नहीं थी और अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कोई उपाय नहीं सुझाया गया। राहुल ने कहा कि देश के सामने इस समय सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है, लेकिन इस बजट में ऐसा कोई रणनीतिक विचार नहीं दिखा, जिससे युवाओं को रोजगार मिले। इतने लंबे बजट भाषण में सिर्फ आंकड़ों के जुमले थे। बार-बार चीजें दोहराई जा रही थीं। उन्होंने कहा कि सरकार को पता है कि क्या हो रहा है और अर्थव्यवस्था कहां जा रही है?
वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि निर्मला सीतारमण ने बजट में तीन मुख्य बातों का जिक्र किया। इनमें से पहला था, आकांक्षी भारत या एस्पिरेशनल इंडिया जिसका दरअसल आज विरोध कर रहा है, युवा परेशान हो रहा है और अपने भविष्य के बारे में चिंतित है। सरकार जब उनसे बात करने को तैयार नहीं है तो उनकी चिंता कैसे दूर करेगी। उन्होंने कहा कि इस बजट में बेरोजगारी, मंदी या वित्तीय घाटे से निपटने को कोई उपाय नहीं सुझाए गए हैं जबकि 22 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं में बेरोजगारी की दर 63 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे के आंकड़े से साफ है कि देश की अर्थव्यवस्था चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि खुशी है, वित्तमंत्री ने यह स्वीकार किया कि राजकोषीय घाटा 3.8 प्रतिशत है। उनको देश को यह भी बताना चाहिए था कि अगर आप यूनियन और स्टेट का घाटा जोड़े तो यह 8 प्रतिशत से ज्यादा है जो देश के लिए चिंता की स्थिति है। उन्होंने 2020-21 में राजकोषीय घाटा 3.5 प्रतिशत रहने के बजटीय अनुमान पर सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि 2019-20 में राजकोषीय घाटा 3.8 प्रतिशत है। साल 2020-21 के लिए निवल बाजार (नेट मार्किट) उधार 5.36 लाख करोड़ रुपये होगा। वित्त वर्ष 19-20 में सरकारी खर्च 26.19 लाख करोड़ रुपये है। जब सरकार ने आय बढ़ाने के कोई साधन नहीं बताए हैं तो ऐसे में घाटा कम कैसे होगा।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बजट को फीका करार दिया। उन्होंने कहा के वित्त मंत्री ने सिर्फ पुरानी योजनाओं को ही नए पैकेट में पेश किया है, टैक्स स्लैब्स को ऊपर नीचे कर दिया है लेकिन मौजूदा आर्थिक संकट के लिए कोई भी ठोस उपाय नहीं किया है।