अमर उजाला पोल: बसपा छोड़ रहे नेताओं से कमजोर हो जाएगी पार्टी
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पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर की तरफ से विवादित टिप्पणी किए जाने के मामले में बैकफुट पर आने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कमान अतर सिंह राव को दे दी है। बसपा ने यहां एक तीर से दो निशाने साधे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी को कहा गया है कि प्रदेश भर में मुसलमानों को साधने का काम करो।
वहीं दूसरी ओर पार्टी के कैडर वोटर को भी लुभाने की कोशिश की है। अतर सिंह राव कैडर कार्यकर्ता हैं और लगातार दलित वोटरों के बीच उनकी उपस्थिति रही है। कई बड़े कैडर कैंपों में दिए गए भाषणों में अतर सिंह का फोकस अपने मूल वोटर पर ही रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मायावती का कैडर दांव सफल होगा या नहीं, जब ये जानने के लिए अमर उजाला ने पोल कराया तो नतीजे काफी चौंकाने वाले दिखे।
ये रहा परिणाम
अमर उजाला के पोल में लोगों से पूछा गया कि क्या कई नेताओं के छोड़ने की वजह से बसपा कमजोर हो जाएगी? ऐसे में करीब दो तिहाई लोगों ने हां कहा है। 66.79 प्रतिशत लोगों का मानना है कि कई नेताओं के पार्टी छोड़ने से बसपा का कमजोर होना तय है।
वहीं करीब एक तिहाई लोगों का मानना है कि पार्टी को छोड़कर जाने वाले लोगों की वजह से पार्टी की शाख पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 30.35 प्रतिशत लोगों ने नेताओं के छोड़ने से पार्टी के कमजोर होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। इसके अलावा 2.86 प्रतिशत लोगों ने इस मामले में कुछ भी कहना सही नहीं समझा है।