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आतंक पर भारत को रूस का समर्थन, चीन ने नहीं खोले पत्ते

Sun, 16 Oct 2016 08:31 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 16 Oct 2016 08:31 PM IST
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BRICS Summit: Russia Backs India On Terror, China Noncommittal On Masood Azhar
- फोटो : Getty Images
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शनिवार को गोवा में द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि आतंकवाद क्षेत्र के लिए अभिशाप जैसा है। हालांकि चीन ने पाकिस्तान या आतंकी मसूद अजहर के खिलाफ कदम उठाने को लेकर कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखाई। पढ़िए इससे जुड़ी दस बातें। 
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1. आतंकवाद के मुद्दे पर चीन का रुख रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन से बिल्कुल उलट है। पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत में उड़ी हमले की निंदा की, जिसमें पाकिस्तानी आतंकियों के हमले 19 भारतीय सैनिक मारे गए। 
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2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी से स्पष्ट तौर पर कहा था कि आतंक के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मतभेद नहीं हो सकते। भारत ने जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से प्रतिबंधित करने की राह में बीजिंग की ओर से अटकाए जा रहे रोड़े पर भी अपनी चिंताएं चीन के सामने रखीं। हालांकि चीन ने इसे लेकर कोई आश्वासन नहीं दिया। 
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3. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, 'भारत और चीन के बीच समानताएं बहुत ज्यादा हैं और मतभेद बहुत कम, हम आतंक के खिलाफ साझा लड़ाई में साथ है।' हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ चीन ने कोई उंगली नहीं उठाई। 

आतंकवाद पर भारत के सामने चीन की चुनौती

BRICS Summit: Russia Backs India On Terror, China Noncommittal On Masood Azhar
4. राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पुतिन और अन्य दूसरे नेता ब्रिक्स की बैठकों में शामिल हो रहे हैं। 2011 में बने इस संगठन का उद्देश्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं को ग्लोबल स्तर पर आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना है। 

5. भारत ब्रिक्स के सदस्यों पर आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा होने को लेकर दबाव बना रहा है, ताकि आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों और आतंकियों को अलग थलग किया जा सके। भारत के सामने मुख्य चुनौती चीन है। सूत्रों के मुताबिक आतंकवाद पर कड़ा बयान देने के लिए चीन तैयार है, लेकिन वह पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को लेकर शकशुबहा नहीं रखना चाहता। 

6. विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और चीन ने मुख्य मुद्दे के तौर पर आतंकवाद की पहचान की। चीन में भारत के राजदूत विजय गोखले ने कहा, 'पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद क्षेत्र के लिए अभिशाप है। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र में जैश ए मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगवाने के लिए आगे बढ़ने के संबंध में हम चीन से बातचीत कर रहे हैं। उम्मीद है कि चीन को इसमें तार्किकता दिखेगी।'

7. प्रतिष्ठित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए नई दिल्ली के प्रयास पर भारत और चीन जल्दी ही वार्ता करेंगे, जिसमें उम्मीद है कि 'मतभेदों' में कमी आएगी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनएसजी में भारत के प्रवेश के मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत जल्दी ही होगी। एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन को आपत्ति है। 

39000 करोड़ के रक्षा सौदों सहित 16 समझौते

BRICS Summit: Russia Backs India On Terror, China Noncommittal On Masood Azhar
8. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा। इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आई है, स्वरुप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी चाहिए, अच्छी रणनीतिक बातचीत। निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी।' यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं।'

9. शनिवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ पीएम मोदी की मुलाकात के बाद जारी साझा बयान में कहा गया कि 'आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जैसे मुद्दों पर दोनों देशों का रुख समान है।' वहीं भारत ने उरी में सैन्य बेस पर आतंकी हमले की रूस द्वारा पुरजोर निंदा किए जाने की सराहना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-रूस संबंधों को इंगित करते हुए कहा, 'एक पुराना दोस्त, दो नए दोस्तों से बेहतर है।' उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और वह आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने पर सहमत हुए हैं।

10. भारत और रूस ने 39000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों सहित 16 समझौते किए हैं, जिसमें मास्को से बेहद उन्नत विमानभेदक रक्षा प्रणाली एस-400 ट्रायंफ और भारत में कामोव हेलीकॉप्टर बनाने के लिए सौदे शामिल हैं। 
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