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26/11 Mumbai Attack: आतंकियों से लोहा लेने वाले जांबाज प्रवीण तेवतिया ने उठाया ये कदम, 1500 किमी की पैदल यात्रा की शुरू

Fri, 26 Nov 2021 09:55 AM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Fri, 26 Nov 2021 09:55 AM IST
सार

मुंबई हमलों में आतंकियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले बहादुर जांबाज प्रवीण तेवतिया अब नए कलेवर में उतर चुके हैं। ताज होटल हमले की दास्तां याद कर आज भी भावुक हो जाने वाले तेवतिया युवाओं के लिए अब पर्यावरण संरक्षण के सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत बने हैं।

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brave man praveen teotia  start Campaign for environmental protection after  mumbai attack
प्रवीण तेवतिया, पर्यावरण संरक्षक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश मुंबई हमले की 13वीं बरसी मना रहा है। आज ही के दिन  26/11 को सरहद पार से समंदर के रास्ते आए कुछ आतंकियों ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मौत का तांडव मचाया था। लोग आज भी उस मंजर को भुला नहीं पा रहे हैं। आतंकियों से लोहा लेने वाले मरीन कमांडो प्रवीण तेवतिया आज भी हमले की दास्ता याद कर भावुक हो जाते हैं। ताज होटल में आतंकियों से सीने पर चार गोलियां खाने के बाद भी 187 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने वाले जांबाज नौ सैनिक प्रवीण तेवतिया अब पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

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मरीन कमांडो रहे गुलावठी के ग्राम भटौना निवासी प्रवीण तेवतिया नेवी से सेवानिवृत्ति के बाद भी युवाओं के प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।  प्रदूषण मुक्त वातावरण और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देने के लिए नई दिल्ली के इंडिया गेट से मुंबई के गेट-वे ऑफ इंडिया तक की 1500 किमी की पैदल यात्रा निकाले हैं। बता दें कि 26/11 के आतंकी हमले में प्रवीण तेवतिया को चार गोली सीने और एक गोली कान पर लगी थीं। उनका एक फेफड़ा भी इससे बेकार हो गया। बाद में सरकार ने उनके अदम्य साहस को शौर्य पदक से नवाजा।
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मैराथन में भी हिस्सा ले चुके हैं प्रणीव
प्रवीण ने 26/11 के आतंकवादी हमले का मुकाबला करते हुए सीने में चार गोलियां खाईं थीं। साथ ही एक गोली उनके कान में जा धंसी थी। लेकिन, इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अस्पताल से बाहर निकलने के बाद उन्होंने नए लक्ष्य तैयार किया। उन्होंने देश और विदेशों में आयोजित विभिन्न मैराथन में प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्होंने साउथ अफ्रीका, मलयेशिया और अमेरिका में आयरन मैन का खिताब भी जीता है । प्रवीण अब युवाओं को प्रदूषण खत्म करने के लिए पर्यावरण संरक्षण के गुर सिखा रहे हैं। प्रवीण का कहना है कि प्रदूषण का स्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में छेटे-छोटे बच्चे भी तेजी से शिकार हो रहे हैं। 

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