बीपीओ: सरकार ने किया बड़े सुधार का एलान, देशी व विदेशी ओएसपी में अंतर खत्म, नई गाइड लाइन जारी
केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बीपीओ को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब कोई भी बीपीओ, जिसके पास दूरसंचार के समान साधन है, वह पूरी दुनिया के ग्राहकों को सर्विस दे सकेगा।
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केंद्र सरकार ने बीपीओ इंडस्ट्री में बड़े सुधार का एलान किया है। केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि अब देशी व विदेशी ओएसपी (अदर सर्विस प्रोवाइडर्स) का अंतर खत्म कर दिया गया है। इससे देश में समान दूरसंचार सुविधाओं से लैस कोई भी बीपीओ अब भारत समेत पूरी दुनिया के किसी भी ग्राहक को सेवाएं दे सकेगा। प्रसाद ने कहा कि हमने यह बड़ा फैसला किया है।
Distinction between domestic & international OSP (Other Service Providers) has been removed. A BPO centre with common telecom resource will now be able to serve customers located worldwide, incl India. It's a major reform that we've taken: Minister for Communications RS Prasad pic.twitter.com/ISRI4tdhcP
— ANI (@ANI) June 23, 2021विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अब ओएसपी का इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट आटोमैटिक ब्रांच एक्सचेंज (EPABX) विश्व में कहीं पर भी स्थित हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस गाइड लाइन का का उद्देश्य भारत को अंतरराष्ट्रीय बीपीओ उद्योग का बड़ा व गंभीर खिलाड़ी बनान है।
भारत का बीपीओ उद्योग आज 37.6 अरब डॉलर का है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इसके वर्ष 2025 तक 55.6 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता है।
सेंट विंसेंट और द ग्रेनेडाइंस के साथ समझौते को मंजूरी दी
मंत्रिमंडल ने बुधवार को कर संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान और संग्रह में सहायता के लिए भारत तथा सेंट विंसेंट और द ग्रेनेडाइंस के बीच समझौते को मंजूरी दी है। सेंट विंसेंट और द ग्रेनेडाइंस द्विपीय देश हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार भारत तथा सेंट विंसेंट और द ग्रेनेडाइंस के बीच समझौते से दोनों देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। इन सूचनाओं में बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के पास उपलब्ध कानूनी और लाभकारी स्वामित्व के बारे में जानकारी भी शामिल है।
यह दोनों देशों के बीच कर-दावों के संग्रह में भी सुविधा प्रदान करेगा। इस प्रकार, यह काला धन के सृजन में मददगार विदेश में कर-चोरी और कर से बचने के तौर-तरीकों से निपटने की भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा। बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत तथा सेंट विंसेंट और द ग्रेनेडाइंस के बीच करों के संबंध में सूचना के आदान-प्रदान तथा संग्रह में सहायता के लिए समझौते को मंजूरी दी है।
समझौते में विदेश में कर जांच के प्रावधान भी शामिल
समझौते में विदेश में कर जांच के प्रावधान भी शामिल है। इसके तहत एक देश, दूसरे देश के प्रतिनिधियों को संबंधित व्यक्तियों से जानकारी लेने के लिये उससे बातचीत करने और कर उद्देश्यों के लिए रिकॉर्ड की जांच करने के लिए अपने क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति दे सकता है।
सेंट विंसेंट और द ग्रेनेडाइंस के साथ पूर्व में ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ था। भारत लंबे समय से इस समझौते के लिए बातचीत कर रहा था। अंत में, सेंट विंसेंट और द ग्रेनेडाइंस ने भारत के साथ इस समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की। यह दोनों देशों के बकाया कर दावों के संग्रह के लिए सूचनाओं के आदान-प्रदान और सहायता के माध्यम से दोनों देशों के बीच कर सहयोग को बढ़ावा देगा।