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बीएचयू ब्लास्ट: प्रशासन ऊहापोह में, घटना को साजिश बताया मगर नहीं दर्ज कराई FIR

Mon, 09 May 2016 08:12 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो/ अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 09 May 2016 08:12 AM IST
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blast in banaras hindu university
- फोटो : अमर उजाला,वाराणसी
सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में हुए ब्लास्ट को लेकर बीएचयू प्रशासन ऊहापोह की स्थिति में है। एक तरफ तो विश्वविद्यालय प्रशासन ब्लास्ट को साजिश बता रहा है वहीं दूसरी ओर घटना के 24 घंटे गुजर जाने के बाद भी उसकी ओर से थाने में प्राथमिकी तक दर्ज नहीं कराई गई है। सुरक्षा एजेंसियों की अब तक की सारी तफ्तीश मौखिक निर्देशों के आधार पर ही जारी है। पुलिस-प्रशासन भी हैरत में है कि धमाके के पीछे साजिश की आशंका जताने वाले बीएचयू के अधिकारियों ने आखिरकार मामले को लेकर तहरीर क्यों नहीं दी।
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बीएचयू के आपात चिकित्सा कक्ष में शनिवार की दोपहर जबरदस्त धमाका हुआ और 27 लोग घायल हो गए थे। मामले को लेकर एटीएस, आईबी, फोरेंसिक एक्सपर्ट और पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। लेकिन, घटना के 24 घंटे बाद भी बीएचयू प्रशासन की ओर से लंका पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई। हालांकि पुलिस ने रविवार को इमरजेंसी वार्ड के सीसीटीवी सिस्टम की हार्ड डिस्क को कब्जे में लिया। हार्ड डिस्क से सीसीटीवी फुटेज निकालकर कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिरकार धमाका कब और कैसे हुआ।
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इस बारे में क्षेत्राधिकारी भेलूपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। हो सकता है कि बीएचयू प्रशासन द्वारा गठित की गई कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद इस संबंध में तहरीर मिले। इमरजेंसी वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों से संबंधित सिस्टम की हार्ड डिस्क को कब्जे में लेकर उसके फुटेज खंगालने का काम शुरू कर दिया गया है। एटीएस, बीडीएस और फोरेंसिक एक्सपर्ट की अब तक की जांच में कहीं से भी यह सामने नहीं आया है कि धमाका किसी विस्फोटक पदार्थ के कारण हुआ है।
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27 अप्रैल को भी एसी में आई थी खराबी
 बीएचयू अस्पताल के एसी में बीते 27 अप्रैल को भी कुछ खराबी आई थी। यह मामला लंका पुलिस के संज्ञान में है। पुलिस का कहना है कि एसी के खराब होने की सूचना पर अस्पताल प्रशासन के आला अधिकारियों ने मौका मुआयना कर खराबी दूर करने का निर्देश दिया था। उधर, इमरजेंसी वार्ड में लगे एसी को दिखवाने के लिए बीएचयू अस्पताल प्रशासन की ओर से संबंधित कंपनी के इंजीनियरों की टीम बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार कंपनी के इंजीनियरों का कहना है कि उनका एसी सिस्टम आज तक कभी विस्फोट नहीं किया और न ही ऐसी गुंजाइश है।

इमरजेंसी वार्ड को देखने के लिए आते रहे लोग
  इमरजेंसी वार्ड में हुए धमाके के बाद घटना स्थल को देखने के लिए रविवार को इलाकाई लोगों की आवाजाही का सिलसिला जारी रहा। वहीं, अस्पताल के अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों के परिवारीजन भी इमरजेंसी वार्ड की तरफ से गुजरते समय एकबारगी रुककर वहां मौजूद लोगों से शनिवार की घटना की चर्चा करते नजर आए। हालांकि अस्पताल परिसर का माहौल पूरी तरह सामान्य रहा। मरीजों के तीमारदार और अस्पताल कर्मी सभी आम दिनों की तरह अपने काम में जुटे थे।

‘ओवर हिटिंग से हुआ कंप्रेशर में विस्फोट’
 बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में हुए विस्फोट की जांच को पहुंची विद्युत सुरक्षा की टीम का कहना है कि ओवर हिटिंग से एसी का कंप्रेशर फटा है। घटना स्थल से किसी भी प्रकार का कोई विस्फोटक या उसका अंश नहीं मिला है। विद्युत सुरक्षा की टीम ने रविवार को एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। एडीएम सिटी ने बताया कि विद्युत सुरक्षा (फायर सेफ्टी) की रिपोर्ट आ चुकी है। धमाके की वजह एसी का कंप्रेशर फटना बताया गया है। धमाके की वजह से फाल्स सिलिंग गिरी, जिसकी चपेट में आकर कई लोग जख्मी हुए।

फोरेंसिक जांच रिपोर्ट से उठेगा परदा

blast in banaras hindu university
 बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को हुए विस्फोट मामले में सुरक्षा एजेंसियां फोरेंसिक टीम की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अवशेष अपने कब्जे में लेने के बाद जांच शुरू कर दी है। फिलहाल रामनगर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में अवशेषों की जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अवशेष आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भी भेजे जाएंगे। फोरेंसिक टीम के अलावा एटीएस भी मामले की छानबीन में जुटी है। प्रारंभिक जांच में किसी तरह के विस्फोटक पदार्थ के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। धमाके की वजह एसी की पाइप लाइन का फटना बताया जा रहा है। विस्तृत जांच रिपोर्ट करीब दस दिनों में मिलने की उम्मीद है।

बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार की दोपहर करीब 12 बजकर 50 मिनट पर तेज धमाका हुआ। उस समय अस्पताल का आपात चिकित्सा कक्ष मरीजों, तीमारदारों से भरा था। कमरे की एक दीवार ढहने, खिड़कियों के शीशे चकनाचूर होने और फाल्स सीलिंग गिरने से हर तरफ भगदड़ मच गई। हादसे में 27 लोग घायल हो गए। मौके पर जांच के लिए जिला पुलिस के अधिकारियों के अलावा, आईबी और एटीएस के अधिकारी भी पहुंचे थे। फोरेंसिक टीम और एटीएस ने जांच के लिए अवशेष अपने कब्जे में ले लिए। जांच कर रही एजेंसियों की मानें तो अब तक की जांच में मौके से किसी तरह का कोई विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला है।

आज से जांच शुरू करेगी बीएचयू की उच्चस्तरीय कमेटी
 
बीएचयू इमरजेंसी में विस्फोट की घटना की जांच के लिए विश्वविद्यालय की ओर से बनाई गई उच्चस्तरीय कमेटी अपनी जांच सोमवार से शुरू करेगी। रविवार होने की वजह से जांच शुरू नहीं हो सकी। घटना के तमाम पहलुओं पर जांच कर कमेटी को 30 मई तक अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपनी है।

 उच्चस्तरीय कमेटी के अध्यक्ष बिहार के पूर्व एडीजी डॉ. एके सेठ हैं जो कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालय के सलाहकार हैं। वहीं सदस्य के तौर पर आईएमएस के पूर्व निदेशक प्रो. वीपी सिंह, विधि संकाय के प्रो. आरके मुरली, आईआईटी बीएचयू के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर प्रो. आरके पांडेय, रसायनशास्त्र विभाग के प्रो. बीबी प्रसाद, सीपीडब्ल्यूडी बीएचयू के सेक्शन इंजीनियर आरपी सिंह, आईएमएस के सहायक कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार तिवारी और जिलाधिकारी की ओर से नामित एक प्रतिनिधि हैं।
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