महाराष्ट्र: भाजपा नहीं बनाएगी सरकार, राज्यपाल ने शिवसेना को बुलाया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र में रविवार को सियासी घटनाक्रम बहुत तेजी से बदल रहा है। शिवसेना के कोटे से केंद्रीय कैबिनेट में भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री का पदभार संभालने वाले अरविंद सावंत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि मैं अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
Union Minister of Heavy Industries and Public Enterprises & Shiv Sena MP Arvind Sawant: I am resigning from my ministerial post. pic.twitter.com/6UVYpXK6Sa
— ANI (@ANI) November 11, 2019विज्ञापन
वहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को बताया कि पार्टी विधायकों की एक बैठक सुबह 10 बजे होगी। जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। महाराष्ट्र में रविवार को सियासी घटनाक्रम बहुत तेजी से बदला। भाजपा कोर कमेटी की बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शाम को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की और सरकार बनाने से इनकार कर दिया। इसके डेढ़ घंटे बाद राज्यपाल ने दूसरा सबसे बड़ा दल होने के नाते शिवसेना को सरकार बनाने का न्योता दिया।
उन्होंने सोमवार शाम 7.30 बजे तक शिवसेना को यह बताने को कहा कि वह सरकार बनाएगी या नहीं। इसके बाद शिवसेना के सामने जटिल स्थिति पैदा हो गई क्योंकि समय बहुत कम है। उधर, बीते दो हफ्तों में शरद पवार और शिवसेना सांसद संजय राउत के बीच तीन मुलाकातों के बावजूद एनसीपी ने शर्त रखी कि शिवसेना को पहले एनडीए से बाहर होना होगा।
केंद्र में उसके मंत्री अरविंद सावंत को इस्तीफा देना होगा। साथ ही भाजपा के साथ सारे संबंध खत्म करने होंगे। इससे पहले, राज्यपाल से मुलाकात के बाद महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा, हमने सरकार नहीं बनाने का फैसला किया है।
शिवसेना के बगैर हम अकेले सरकार बनाने में सक्षम नहीं हैं। एक दिन पहले ही राज्यपाल कोश्यारी ने सबसे बड़ा दल होने के नाते हमसे पूछा था कि हम सरकार बनाना चाहते हैं या नहीं। हमने अपने फैसले से राज्यपाल को भी अवगत करा दिया है। वहीं, पाटिल के बयान के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि हम हर हाल में महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाएंगे।
पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी विधायकों से कहा है कि राज्य में अगला सीएम शिवसैनिक होगा।
शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया
भाजपा अहंकार में, यह कैसा गठबंधन
उधर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि भाजपा अपने अहंकार में सरकार न बनाने के लिए तैयार है लेकिन शिवसेना के साथ ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का वादा निभाने के लिए राजी नहीं है। यह कैसा गठबंधन है।स्थायी सरकार गठन के पक्ष में: चव्हाण
इस बीच, कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि हम महाराष्ट्र में स्थायी सरकार गठन के पक्ष में हैं। फिलहाल हम जयपुर में हैं, हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और आगे हमारा क्या रुख रहेगा इसको लेकर विधायकों से सलाह लेंगे।
इससे पहले, रविवार को मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट करके राज्यपाल से मांग की थी कि राज्य में पार्टियों ने गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ा था। जब भाजपा-शिवसेना की महायुति सरकार नहीं बना सकी तो अब कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को सरकार बनाने का निमंत्रण मिलना चाहिए।
क्या उद्धव होंगे मुख्यमंत्री और अजीत पवार उपमुख्यमंत्री?
सूत्रों का कहना है कि एनसीपी ने शिवसेना को साफ कर दिया है कि वह उसे सरकार बनाने कि लिए अगर समर्थन देती है तो आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में नहीं स्वीकार करेगी। वह इस पद के लिए उद्धव ठाकरे को समर्थन देने को तैयार है। इस पर उद्धव ने कहा कि वह विचार करेंगे।
साथ ही एनसीपी ने शिवसेना को यह भी साफ कर दिया है कि शिवसेना का मुख्यमंत्री होने की स्थिति में उपमुख्यमंत्री एनसीपी का होगा और यह पद अजीत पवार के पास रहेगा।