राहुल को भाजपा ने लिया आड़े हाथ, दिया हर आरोप का करारा जवाब
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जब भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी विदेशी दौरे पर जाते हैं तो ऐसा बयान जरूर दे देते हैं जिससे कि भाजपा उनपर निशाना साध सके। एक बार फिर उन्होंने ऐसा ही किया। बुधवार को वह चार दिवसीय दौरे के लिए जर्मनी और ब्रिटेन रवाना हुए। सबसे पहले जर्मनी पहुंचे गांधी ने हैम्बर्ग के बुसेरियस समय स्कूल में छात्रों को संबोधित किया। यहां अपने भाषण के दौरान उन्होंने मॉब लिंचिंग (भीड़ हिंसा) की घटनाओं की बेरोजगारी से जोड़ दिया। बेरोजगारी के लिए उन्होंने आतंकवादी संगठन आईएसआईएस का उदाहरण दिया। जिसके बाद पलटवार करते हुए भाजपा ने कहा कि राहुल ने पूरा होमवर्क नहीं किया था और उन्होंने अतंर्राष्ट्रीय मंच पर भारत को एक तुच्छ देश बनाकर पेश किया है। इसके अलावा भाजपा ने उनके पूरे भाषण को झूठ और फरेब का पुलिंदा करार दिया। जानें राहुल के आरोपों पर भाजपा ने क्या कहा-
आईएसआईएस से तुलना करना गलत
राहुल ने कहा था कि सीरिया और इराक ने अमेरिका के दबाव में एक समुदाय को नौकरी नहीं दी। जिसकी वजह से उन्होंने आईएसआईएस नाम का संगठन बना लिया। यदि आप अल्पसंख्यक युवाओं को विजन नहीं देंगे तो कोई और उन्हें विजन देगा। इसपर पलटवार करते हुए भाजपा ने कहा कि राहुल ने आतंकवाद और इस्लामिक स्टेट को जायज ठहराने की जो कोशिश की है वह गलत और भयावह है। यह अल्पसंख्यकों के प्रति अन्याय है। आपको इसपर सफाई देनी होगी।
महिलाओं से मांगे माफी
अपने भाषण में राहुल ने कहा कि जब तक महिलाओं के प्रति भारतीय पुरुषों के नजरिए में फर्क नहीं आएगा तब तक स्थिति सुधरने वाले नहीं है। जब ज्यादा से ज्यादा ताकतवर महिलाएं पदों पर आएंगी तो देश में काफी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इसपर हमारी पार्टी काम कर रही है। इसपर भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल को अपने इस बयान के लिए महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस देश ने आपकी मां को इतना सम्मान दिया जोकि विदेशी हैं और आपने विदेश जाकर उसकी ही बेइज्जती कर दी। आप मानसिकता की बात कर सकते थे लेकिन इंडियन संस्कृति की बात करके आपने भारत को कम आंकने की कोशिश की है।
बेरोजगारी की वजह से हो रही है मॉब लिंचिंग
राहुल गांधी ने देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर कहा कि यह बेरोजगारी के प्रति लोगों का गु्स्सा है और यह घटनाएं उसी का नतीजा हैं। राहुल ने इसके लिए नोटबंदी का उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम ने एमएसएमई के नकद प्रवाह को बर्बाद कर दिया, अनौपचारिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों लोग बेरोजगार हो गए। छोटे व्यवसायियों को अपने गांव लौटना पड़ा। इसकी वजह से लोग काफी नाराज हैं। इसपर जवाब देते हुए संबित ने कहा कि लोग इसलिए वापस लौट रहे हैं क्योंकि हमने गांवों में बेहतर काम किया। यदि कोई अपने गांव लौट रहा है तो यह अच्छी बात है।
दलितों को कमजोर कर रही सरकार
राहुल गांधी ने कहा कि 70 साल पहले भारत जातियों में बंटा हुआ था। दलित-पिछड़ी जातियों को काफी भेदभाव झेलना पड़ता था, लेकिन भारत में धीरे-धीरे बदलाव हुआ। काफी हद तक यह बदलाव संविधान में दिए गए ‘एक व्यक्ति, एक मत’ के विचार से आए। उन्होंने कहा कि अब दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों को सरकार से कोई फायदा नहीं मिलता। उनको फायदा देने वाली सारी योजनाओं का पैसा बड़े कॉर्पोरेट के पास जा रहा है। इसपर जवाब देते हुए भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी ने झूठ बोला है। दलितों को मजबूत करने के लिए सरकार मानसून सत्र के दौरान विधेयक लाई थी। हमारी सरकार के दौरान मनरेगा सफल रही जो पकी सरकार के दौरान विफल थी। हमने मनरोगा के तहत सबसे ज्यादा महिलाओं को काम मिला है।
नफरत को प्यार से मिटाना है
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी को संसद में गले लगाने पर उनकी पार्टी के ही कुछ नेता नाराज थे। उन्होंने कहा कि लेकिन मैंने नफरत का जवाब प्यार से दिया है। भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में नफरत की बजाए चर्चा होनी चाहिए। घृणा से इसका जवाब देना मूर्खता है। इस दौरान उन्होंने बताया कि उनके पिता राजीव गांधी को मारने वाले प्रभाकरण की मौत पर उन्हें और बहन प्रियंका को दुख नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्होंने उसके बच्चों में खुद को देखा। जिस तरह अपने पिता को खोने की वजह से मैं रो रहा था उसी तरह वह भी रोए होंगे। पात्रा ने कहा कि राहुल जी आपके भाषण के दौरान मैंने केवल तीन शब्द चीन-चीन सुना। आप जर्मनी जाकर चीन-चीन करते हैं और आपके मंत्री पाकिस्तान-पाकिस्तान करते हैं। क्या आपकी पार्टी में कोई हिंदुस्तान-हिंदुस्तान करता है?