पूर्व PM मनमोहन ने जारी किया वीडियो मैसेज, शाह ने पूछा- तब मौन क्यों थे?
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के वीडियो मैसेज पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पलटवार किया है। उन्होंने सवाल किया कि मनमोहन के शासनकाल में जब धरोहर की लूट मची थी, तब वह खामोश क्यों थे और तब देश उनका गुस्सा क्यों नहीं देख पाया।
शाह ने एक के बाद कई ट्वीट करते हुए कहा, ‘हम माननीय मनमोहन सिंहजी से पूछना चाहते हैं कि उनके देश में जब एक मुख्यमंत्री को मौत का सौदागर कहा गया था, तब उन्होंने अपना गुस्सा क्यों नहीं दिखाया। वह तब क्यों चुप रहे जब उनके देश के प्रधानमंत्री को नीच कहा गया।’
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भाजपा अध्यक्ष का इशारा कांग्रेस नेताओं द्वारा पीएम मोदी को अपशब्द कहे जाने की ओर था। उन्होंने अगला ट्वीट किया, ‘जब मनमोहन सिंहजी की ईमानदारी की बात की जाती है तो मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। उनके शासनकाल में ही धरोहर की लूट-खसोट मची थी।
इस दौरान देश ने अपने प्रधानमंत्री का गुस्सा नहीं देखा था। यह देखकर आश्चर्य होता है कि गुजरात चुनाव से पहले ही कांग्रेस इतनी हताश हो गई है। मतदान से पहले राहुल गांधी और मनमोहन सिंहजी दुर्भावनापूर्ण तरीके से पीएम पर हमले कर रहे हैं।’
पाकिस्तान से सांठगांठ के आरोप पर मनमोहन का फिर मोदी पर हमला
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। गुजरात विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले उन्होंने मोदी पर राजनीतिक लाभ के लिए झूठ और अफवाह फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि अपनी कुत्सित मानसिकता के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
मोदी पर तीखा हमला करने के दो दिन बाद ही मनमोहन सिंह ने बुधवार को एक वीडियो मैसेज में कहा कि प्रधानमंत्री ने गुजरात चुनाव के लिए पाकिस्तान से कांग्रेस की सांठगांठ करने का आरोप लगाकर लोगों को बरगलाया है।
राष्ट्रसेवकों की राष्ट्रीयता पर सवाल उठाना अनुचित है। उन्होंने कहा, ‘राजनीतिक लाभ पाने के लिए इस तरह के झूठ और अफवाह फैलाए जाने से मैं बहुत आहत और आक्रोशित हूं जिसे कोई और नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी फैला रहे हैं। गुजरात में बड़ी हार से भयभीत और हताश प्रधानमंत्री हर तरह के हथकंडे अपनाने पर उतारू हो गए हैं।’