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असम में भाजपा ने तैयार किया लाभार्थियों का डाटा बैंक
Fri, 01 Jan 2021 02:58 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 01 Jan 2021 02:58 AM IST
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भाजपा
- फोटो : पीटीआई
भाजपा ने वर्ष 2022 में होने वाले असम विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इस क्रम में पार्टी ने राज्य के ऐसे 92 लाख लोगों का डाटा बैंक तैयार किया है, जो केंद्र और राज्य की योजना के लाभार्थी हैं। पार्टी ने इन लोगों से संपर्क करने की जिम्मेदारी राज्य के 3.20 लाख पन्ना प्रमुखों को दी है।
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गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करने यहां आए राज्य भाजपा के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने बताया कि पार्टी का लक्ष्य विधानसभा चुनाव में एक करोड़ वोट हासिल करने की है। इस लक्ष्य को हासिल करने की राह में अड़चन न आए, इसके लिए खुद शाह पूरे मामले पर व्यक्तिगत निगाह रख रहे हैं।
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दास ने बताया कि राज्य में दो करोड़ मतदाता हैं। ऐसे में अगर हम एक करोड़ वोट हासिल करने में कामयाब रहे तो पार्टी को राज्य में अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल होगी।
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एनआरसी से पार्टी करेगी किनारा
कभी पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव में एनआरसी को प्रमुख मुद्दा बनाने की रणनीति तैयार की थी। हालांकि अब पार्टी इससे किनारा करेगी। दास ने एनआरसी के तहत हासिल किए गए आंकड़े को संदेहास्पद बताते हुए कहा, इसी आशंका के कारण हमने इसके आंकड़े जारी होने से पूर्व ही इसे अस्वीकार कर दिया था।
गौरतलब है कि एनआरसी में बड़ी संख्या में हिंदू और खासतौर पर आदिवासी वर्ग अपनी नागरिकता का सबूत पेश नहीं कर पाया था। इसके बाद से ही राज्य भाजपा ने इसका विरोध शुरू कर दिया था।
हर महीने रिपोर्ट और हर महीने समीक्षा
पार्टी ने बूथ स्तर की कमेटी से हर महीने मतदाताओं से संपर्क समेत अन्य मुद्दों पर रिपोर्ट मंगाने का सिलसिला शुरू किया है। इस रिपोर्ट की हर महीने समीक्षा होगी। खासतौर से पन्ना प्रमुखों से योजनाओं के लाभार्थियों से किए गए संपर्क की जानकारी भी मांगी जा रही है। इस रिपोर्ट की समीक्षा के बाद पार्टी के स्तर पर नए दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं।